Advertisement
Operation Sindoor: भारत ने दिए पाकिस्तान की तबाही के सबूत, मिराज से लेकर 11 एयरफोर्स बेस को किया तबाह
भारत ने 9-10 मई की रात पाकिस्तान के 11 एयरफोर्स बेस पर जवाबी कार्रवाई की, जिनमें नूर खान, रफीकी, मुरिदके, सुक्कुर, सियालकोट, पसरूर, चुनीयन, सरगोधा, स्कारु, भोलारी और जैकोबाबाद शामिल हैं। यह पहला मौका था, जब किसी देश ने परमाणु क्षमता से लैस राष्ट्र के एयरफोर्स कैंपों को सफलतापूर्वक नुकसान पहुंचाया।
Advertisement
भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है. भारतीय सेना ने सोमवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
भारत ने पहुंचाया पाकिस्तान को बड़ा नुकसान
Advertisement
Advertisement
इस दौरान सेना ने स्पष्ट किया कि भारत की लड़ाई हमेशा पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादियों और उनके ढांचे के खिलाफ रही है और आगे भी इसी दिशा में जारी रहेगी.
Advertisement
सेना ने तबाह किया पाकिस्तान का मिराज
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने पाकिस्तानी मिराज विमान के मलबे और पीएल-15 एयर-टू-एयर मिसाइल के अवशेषों की क्लिप भी दिखाई.
Advertisement
एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था, लेकिन अफसोस की बात है कि पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों का समर्थन करते हुए इसे अपनी लड़ाई बना लिया.
Advertisement
7 मई को सेना ने किया था आतंकवादियों के अड्डों को तबाह
उन्होंने बताया कि 7 मई को सेना ने सिर्फ आतंकवादियों के अड्डों पर हमला किया था. उन्होंने कहा कि इस हालात में भारत की जवाबी कार्रवाई जरूरी थी और पाकिस्तान को हुए नुकसान का जिम्मेदार वह खुद है.
Advertisement
एयर मार्शल ने कहा कि भारतीय वायु रक्षा प्रणाली देश की सुरक्षा में अडिग खड़ी है और इसे भेद पाना दुश्मनों के लिए असंभव है. उन्होंने दो टूक कहा कि सभी सैन्य अड्डे, उपकरण और प्रणालियां पूरी तरह सक्रिय हैं और किसी भी अगली कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.
Advertisement
उल्लेखनीय है कि 7 से 9 मई के दौरान पाकिस्तान की ओर से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के जवाब में भारत ने लाहौर समेत पाकिस्तान के कई एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया.
भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरफोर्स बेस को किया तबाह
Advertisement
साथ ही, भारत ने 9-10 मई की रात पाकिस्तान के 11 एयरफोर्स बेस पर जवाबी कार्रवाई की, जिनमें नूर खान, रफीकी, मुरिदके, सुक्कुर, सियालकोट, पसरूर, चुनीयन, सरगोधा, स्कारु, भोलारी और जैकोबाबाद शामिल हैं. यह पहला मौका था, जब किसी देश ने परमाणु क्षमता से लैस राष्ट्र के एयरफोर्स कैंपों को सफलतापूर्वक नुकसान पहुंचाया.
Advertisement
इन हमलों में पाकिस्तान के एफ-16 और जेएफ-17 लड़ाकू विमानों वाले बेसों को नुकसान पहुंचा, जिससे पाकिस्तानी वायुसेना की 20 प्रतिशत इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो गई.
यह भी पढ़ें
वहीं, भोलारी एयरबेस पर हुए हमले में पाकिस्तान के स्क्वाड्रन लीडर उस्मान यूसुफ समेत 50 से अधिक सैन्यकर्मियों की मौत हो गई और कई लड़ाकू विमान नष्ट हो गए.