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संसद में सिर्फ 4 प्रतिशत मुसलमान, 'चुनाव सुधार' चर्चा के दौरान ओवैसी ने SIR पर उठाए सवाल, कहा- यह पिछले दरवाजे से की जा रही NRC है

हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा कि 'यह उच्चतम न्यायालय के 3 न्यायाधीशों की पीठ द्वारा 'लाल बाबू हुसैन' मामले में दिए गए फैसले का उल्लंघन करता है.' ओवैसी ने इस बात पर अफसोस जताया कि मुस्लिम सांसदों की संख्या लोकसभा में काफी कम है. उन्होंने यह भी कहा कि 'डॉ भीमराव अंबेडकर ने बार-बार कहा था कि राजनीतिक सत्ता सामाजिक प्रगति की कुंजी है, लेकिन यहां केवल 4 प्रतिशत मुसलमान है और सत्तारूढ़ पार्टी में कोई भी मुस्लिम सदस्य नहीं है.'

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AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा के शीतकालीन सत्र में 'चुनाव सुधार' पर बोलते हुए निर्वाचन आयोग पर बड़े सवाल उठाए. बुधवार को SIR को लेकर ओवैसी ने कहा कि निर्वाचन आयोग उच्चतम न्यायालय और संसद से बड़ा नहीं है. मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कुछ और नहीं, बल्कि पिछले दरवाजे से की जा रही NRC है. ओवैसी ने कांग्रेस और सपा पर भी निशाना साधा. इसके अलावा सरकार पर आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर लोगों को मताधिकार से वंचित करने की कवायद चल रही है. 

यह 'लाल बाबू हुसैन' फैसले का उल्लंघन है

हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा कि 'यह उच्चतम न्यायालय के 3 न्यायाधीशों की पीठ द्वारा 'लाल बाबू हुसैन' मामले में दिए गए फैसले का उल्लंघन करता है.' ओवैसी ने इस बात पर अफसोस जताया कि मुस्लिम सांसदों की संख्या लोकसभा में काफी कम है. उन्होंने यह भी कहा कि 'डॉ भीमराव अंबेडकर ने बार-बार कहा था कि राजनीतिक सत्ता सामाजिक प्रगति की कुंजी है, लेकिन यहां केवल 4 प्रतिशत मुसलमान है और सत्तारूढ़ पार्टी में कोई भी मुस्लिम सदस्य नहीं है.' 

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सपा और कांग्रेस पर भी बोला हमला 

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ओवैसी ने सपा और कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मुसलमान यहां नहीं है और धर्मनिरपेक्ष पार्टी में उनका प्रतिनिधित्व नहीं है. ओवैसी ने उदाहरण देते हुए कहा कि 'अगर वायानाड जैसी मुस्लिम बहुल सीट से गैर मुस्लिम चुने जा सकते हैं, तो रायबरेली, अमेठी और इटावा से भी मुस्लिम चुने जा सकते हैं.' कांग्रेस की प्रियंका गांधी वायनाड और राहुल गांधी रायबरेली से लोकसभा के सदस्य हैं, जबकि इटावा सपा का गढ़ रहा है. 

'संसद से बड़ा चुनाव आयोग नहीं' 

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ओवैसी ने इस बात का भी जिक्र किया कि निर्वाचन आयोग मतदाताओं पर अपनी नागरिकता साबित करने का भार डाल रहा है. यह जनप्रतिनिधि अधिनियम 1950 और 1960 में सदन द्वारा पारित किए गए निर्वाचन नियमों तथा 'लाल बाबू हुसैन' मामले में शीर्ष फैसले का उल्लंघन है. निर्वाचन आयोग देश के उच्च न्यायालय और संसद से बड़ा नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि 'फॉर्म 6' नियम संसद ने निर्धारित किया है, लेकिन निर्वाचन आयोग इस सदन द्वारा पारित किए गए कानून की शुचिता को तार-तार कर रहा है. 

धर्म के नाम पर मताधिकार से वंचित करने की कवायद 

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असुद्दीन ओवैसी ने SIR का विरोध करते हुए फिर से दावा किया कि यह धर्म के नाम पर लोगों को मताधिकार से वंचित करने की कवायद है. ओवैसी ने कहा कि 'मैं SIR का विरोध करता हूं, क्योंकि यह पिछले दरवाजे से राष्ट्रीय नागरिक पंजीयन NRC तैयार करने जैसा है.' AIMIM प्रमुख ने बीजेपी से आग्रह करते हुए कहा कि 'देश में जर्मनी जैसी संसदीय व्यवस्थाएं अपनाई जाए.' 

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