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'एक वोट से मजबूत होगी महिलाओं की आवाज...', असम में हिमंता बिस्वा सरमा की मतदाताओं से खास अपील

हिमंता बिस्वा सरमा ने मतदाताओं से बीजेपी को समर्थन देने की अपील की. उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार महिलाओं के सशक्तीकरण पर काम कर रही है और एक वोट समाज में महिलाओं की आवाज को मजबूत कर सकता है.

Himant Biswa Sarma (File Photo)
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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को मतदाताओं से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का समर्थन करने का आग्रह करते हुए कहा कि पार्टी ने लगातार पूरे राज्य में महिलाओं को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एक वोट में परिवारों को बदलने और समाज में महिलाओं की आवाज को मजबूत करने की शक्ति है. 

मुख्यमंत्री ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनभागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए लिखा कि एक वोट का अधिकार हर घर की आवाज बदल सकता है. महिला सशक्तीकरण के प्रति भाजपा के दृष्टिकोण को लेकर सीएम सरमा ने कहा कि असम में पार्टी की नीतियां और पहले नारी शक्ति को मजबूत करने को लेकर रही हैं. उन्होंने कहा कि 'भाजपा-फोर असम' का मुख्य उद्देश्य असम की नारी शक्ति को सशक्त बनाना रहा है और हमारे हर कार्य में यह विश्वास झलकता है.

CM सरमा की जनता से अपील 

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सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार सरकार आने वाले वर्षों में विकास कार्यक्रमों और कल्याणकारी पहलों से महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए और अधिक दृढ़ संकल्प के साथ काम करना जारी रखेगी.  उन्होंने मतदाताओं से आगामी चुनावों में सोच-समझकर निर्णय लेने का आग्रह करते हुए कहा कि यह प्रयास आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा. विधानसभा चुनावों से पहले अपनी अपील में सरमा ने कहा कि समझदारी से चुनें, बीजेपी को चुनें.

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असम में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार ने सत्ता में आने के बाद से हाल के वर्षों में कई महिला-केंद्रित कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य राज्य भर में महिलाओं की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करना और उनमें उद्यमिता को बढ़ावा देना है. प्रमुख योजना 'ओरुनोदोई' के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को प्रति माह 1,250 रुपये की सीधी नकद राशि दी जाती है और वर्तमान में इससे 19 लाख से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हो रहे हैं.

महिलाओं के माध्यम से परिवार को मिली सहायता 

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इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय सहायता महिलाओं के माध्यम से परिवारों तक पहुंचे, जिससे घरेलू निर्णय लेने में उनकी भूमिका बढ़े और आवश्यक वस्तुओं तक उनकी पहुंच में सुधार हो. इसके अलावा सरकार ने मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान (एमएमयूए) शुरू किया है, जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं को उद्यमशीलता के लिए प्रोत्साहित करने हेतु प्रारंभिक पूंजी और संस्थागत सहायता प्रदान की जाती है, जिसका लक्ष्य 12 लाख महिलाओं को लाभान्वित करना है. लखपति बैदेव योजना नाम के एक अन्य पहल का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को चरणबद्ध वित्तीय सहायता प्रदान करके सशक्त बनाना है. पहले वर्ष में 10,000 रुपये, दूसरे वर्ष में 25,000 रुपये और तीसरे वर्ष में 50,000 रुपये दिया जाता है। जिससे कि वे स्थायी सूक्ष्म उद्यम स्थापित कर सकें और अपनी आय बढ़ा सकें.

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बताते चलें कि राजनीतिक जानकारों का मानना ​​है कि असम में महिला मतदाता एक प्रभावशाली मतदाता वर्ग के रूप में उभर रही हैं, और प्रमुख राजनीतिक दल महिला कल्याण और सशक्तीकरण पर केंद्रित नीतियों और चुनावी संदेशों पर विशेष जोर दे रहे हैं. राज्य में बीजेपी नेतृत्व ने सामाजिक और आर्थिक प्रगति में महिलाओं की भूमिका को बार-बार रेखांकित किया है और पार्टी नेताओं ने चुनाव से पहले अपने जनसंपर्क अभियान के तहत अक्सर सरकारी पहलों को प्रमुखता से दिखाया है.

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