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CM योगी की एक शर्त से मचा विधायकों में हड़कंप, अब शिकायतों पर Condition Apply

आजकल योगी अपने सांसदों विधायकों स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ ताबड़तोड़ मीटींग कर रहें है।अब इसी बीच योगी के एक फ़रमान ने विधायकों की टेंशन बढ़ा दी है। योगी ने कहा है कि ‘अगर आपके क्षेत्र के अफ़सर काम नहीं कर रहें है तो उनपर ज़रूर कार्रवाई होगी, लेकिन उसके लिए आपको सुबूत दिखाना होगा’।

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लोकसभा चुनाव में up से अपने 29 सिटो को खोने कि बाद bjp को बड़ा झटका लगा है।अब इसकी भरपायी में पूरा का पूरा बीजेपी ख़ेमा जुटा हुआ है। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक इसपर मंथन हुआ और रिजल्ट निकला ।

1- विधायकों का सुस्त रवैया । 2- अफसरों की लापरवाही

हार के बाद से लगातार बीजेपी के बड़े नेता और ख़ास कर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी कमर कस ली है। और डैमेज कंट्रोल के लिए शाम-दाम-दंड-भेद सब अपना रहें है।आजकल योगी अपने सांसदों विधायकों स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ ताबड़तोड़ मीटींग कर रहें है। अब इसी बीच योगी के एक फ़रमान ने विधायकों की टेंशन बढ़ा दी है।योगी ने कहा है कि ‘अगर आपके क्षेत्र के अफ़सर काम नहीं कर रहें है तो उनपर ज़रूर कार्रवाई होगी, लेकिन उसके लिए आपको सुबूत दिखाना होगा’ योगी का ये बयान कोर्ट के उस बयान को याद दिलाता है। जिसमें कोर्ट कहता है कि ‘अगर आपके पास सुबूत है तो कोर्ट में पेश करिए, कोर्ट उसमें विधिसम्मत कार्रवाई करेगा’। 

लोकसभा में हार के बाद से BJP में समिक्षाओं का दौर जारी है।सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार अपने नेताओं के साथ बैठक कर रहें है। सीएम योगी अबतक 12 मंडलों की बैठक कर चुके है।और इसी बीच योगी का ये बयान उस वक़्त सामने आया जब वो मेरठ और प्रयागराज के विधायकों के साथ बैठक कर रहे थे।मीटिंग के दौरान सीएम 

योगी ने वहाँ बैठे विधायकों को दो टूक में कहा है कि । आपको दिखाना होगा की अफ़सर बात नहीं सुन रहें है। सुबूत लाना होगा कि अफ़सरों ने काम में लापरवाही बरती है
 साबित करना होगा कि  अफ़सरों ने काम को टाला है। साक्ष्य देखने के बाद ही अफ़सर पर कार्रवाई की जाएगी।

यानी कि अगर कोई विधायक अपने क्षेत्र के समस्याओं के समाधान का ठिकरा वहाँ के अफ़सर पर फोड़ता है। तो उसे Proper तैयारियों के साथ ये दिखाना होगा कि उस अफ़सर ने कौन सा काम नहीं किया। उस काम के लिए उस अफ़सर को कितनी बार कहा गया। काम न करने के उस अफ़सर ने क्या क्या बहाने बनाए। और तो और दिन से लेकर दिनांक तक की बात उस रिपोर्ट में होनी चाहिए।

योगी के इस फ़रमान का सीधा साधा रिजन है, कि कोई भी अफ़सर ग़लत कार्रवाई का शिकार न हो।लेकिन योगी के इस शर्त से कई विधायक नाखुश नज़र आए। योगी की ये शर्त विधायकों को चुभ गई।विधायकों का मानना है कि ये बिल्कुल ग़लत है। अगर कोई जनप्रतिनिधि किसी अफ़सर के बारे में शिकायत करेगा तो वो झूठ नहीं बोलेगा। कुछ विधायकों ने तो ये तक कह डाला कि क्या कोई जनप्रतिनिधि कैमरा लेकर घुमेगा। 

दरअसल जब योगी अपने विधायकों के साथ बैठक कर रहें थे और उनके क्षेत्र में हार की वजह पुछ रहे थे। तब विधायकों ने हार की ठिकरा अफ़सरों पर फोड़ दिया।जिसपर योगी ने कार्रवाई का भरोसा दिया। और एक शर्त रख दी।कि पक्के सुबूत लाओगे तभी ठोस कार्रवाई होगी। अब इस शर्त से बीजेपी के विधायकों की परेशानी बढ़ गई है। बता दें कि जब से आम चुनाव ख़त्म हुए है। और बीजेपी को पता चला है कि यूपी में उनकी ज़मीन थोड़ी ढीली पड़ गई है। तब से ही बीजेपी के आला नेता अपनी खोई हुई जमीनी पकड़ को मज़बूत करने में जुटे हुए है। = ताकी जो रिज़ल्ट आम चुनाव में देखा गया। वो आने वाले विधानसभा चुनाव में न देखने को मिले। ऐसे में योगी की ये शर्त काफ़ी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 

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