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ग्रेटर नोएडा में एनटीपीसी लगाएगी 1 टन प्रतिदिन क्षमता का हरित हाइड्रोजन संयंत्र
एनटीपीसी ने बताया कि यह हरित हाइड्रोजन संयंत्र उन्नत प्लाज्मा गैसीकरण तकनीक पर आधारित होगा. इस तकनीक के जरिए अपशिष्ट पदार्थों को टार-मुक्त सिंथेटिक गैस में बदला जाएगा. इसके बाद पीएसए/मेम्ब्रेन तकनीक के माध्यम से इस गैस को प्रसंस्कृत कर हाइड्रोजन का उत्पादन किया जाएगा.
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सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी ग्रेटर नोएडा में प्रतिदिन एक टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता वाला संयंत्र स्थापित करेगी. कंपनी ने मंगलवार को जारी बयान में इसकी जानकारी दी.
यह परियोजना एनटीपीसी की अनुसंधान एवं विकास इकाई एनटीपीसी एनर्जी टेक्नोलॉजी रिसर्च अलायंस (NETRA) के माध्यम से स्थापित की जाएगी. संयंत्र ग्रेटर नोएडा स्थित NETRA परिसर में लगाया जाएगा.
प्लाज्मा गैसीकरण तकनीक का होगा इस्तेमाल
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एनटीपीसी ने बताया कि यह हरित हाइड्रोजन संयंत्र उन्नत प्लाज्मा गैसीकरण तकनीक पर आधारित होगा. इस तकनीक के जरिए अपशिष्ट पदार्थों को टार-मुक्त सिंथेटिक गैस में बदला जाएगा. इसके बाद पीएसए/मेम्ब्रेन तकनीक के माध्यम से इस गैस को प्रसंस्कृत कर हाइड्रोजन का उत्पादन किया जाएगा.
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ऊर्जा संक्रमण की दिशा में अहम कदम
यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा और राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के लक्ष्यों की दिशा में एनटीपीसी का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. इससे न केवल अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी.
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देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी
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विद्युत मंत्रालय के अधीन एनटीपीसी देश की लगभग 25 प्रतिशत बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति करती है. कंपनी की कुल स्थापित उत्पादन क्षमता 85 गीगावाट से अधिक है.