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भारत में फर्जी देशों के प्रतिनिधियों की अब खैर नहीं, 5 और लोगों की जल्द होगी गिरफ्तारी

फर्जी राजदूत हर्षवर्धन जैन की तरह कई अन्य राष्ट्रों के प्रतिनिधि भारत में मौजूद हैं. अभी तक की जांच में ऐसे पांच और राष्ट्र प्रतिनिधियों की पहचान हुई है. यूपी एसटीएफ ने उन लोगों को भी चिन्हित कर लिया है, जो फर्जी दस्तावेज पर विदेश मंत्रालय की मुहर लगाते थे.

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फर्जी राष्ट्र प्रतिनिधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस फर्जी राजदूत हर्षवर्धन जैन को दिल्ली और गुजरात लेकर जाएगी. एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने 22 जुलाई की रात कविनगर की कोठी नंबर केबी-35 पर छापेमारी कर अवैध रूप से चल रहे दूतावास का भंडाफोड़ कर मौके से कविनगर निवासी हर्षवर्धन जैन को गिरफ्तार किया था. 

जेल गया फर्जी राष्ट्र प्रतिनिधि हर्षवर्धन 

हर्षवर्धन खुद को वेस्ट आर्कटिका, सर्बोगा, पॉलविया और लोडोनिया आदि स्वयंभू देशों का काउंसलर और कॉन्सुल एंबेसडर (वाणिज्य दूत) बताता था. पूछताछ और हर्षवर्धन जैन से मिली डायरी के आधार पर एसटीएफ को अहम जानकारी मिली, जिसके बाद 23 जुलाई को उसे जेल भेज दिया गया था. शुरुआती जांच में पता चला था कि जिन लोगों के माध्यम से फर्जी दस्तावेजों पर विदेश मंत्रालय की मुहर लगवाई गई, वह पटियाला हाउस निवासी जफर और मिथुन हैं. 

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जांच एजेंसियों ने उन दोनों पर शिकंजा कसने के लिए दिल्ली में डेरा डाल दिया है. इसके अलावा माइक्रोनेशन के नाम पर घोषित किए गए स्वयंभू देशों के प्रतिनिधि के तौर पर कई अन्य लोग भी देश में मौजूद हैं. उनमें पांच लोगों के नाम चिन्हित भी हो चुके हैं. इन लोगों को गिरफ्तार करने और मुहर, दस्तावेज तथा अन्य सामान बरामद करने के लिए एसटीएफ हर्षवर्धन को दिल्ली और गुजरात लेकर जाएगी. हर्षवर्धन जैन से पूछताछ के लिए एसटीएफ ने सवालों की लंबी सूची बनाई है. एसटीएफ विदेश से हर्षवर्धन की विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए उसका ब्लू कॉर्नर नोटिस भी जारी करा चुकी है.

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कंपनियों के दस्तावेज और लेनदेन के विवरण के बारे में की जाएगी पूछताछ 

सूत्रों के मुताबिक, रिमांड अर्जी में एसटीएफ ने हवाला दिया कि अवैध दूतावास से बरामद विदेश मंत्रालय की मुहर लगे दस्तावेजों पर हस्ताक्षरों की भिन्नता थी, जिसके चलते वह कूटरचित प्रतीत हो रहे थे. विदेश मंत्रालय की मुहर लगाने वाले व्यक्ति और उसके पास मौजूद मुहरों की बरामदगी की जानी है. हर्षवर्धन से मिली डायरी में कई देशी-विदेशी कंपनियों की जानकारी है. उन कंपनियों के दस्तावेज तथा लेनदेन के विवरण के बारे में पूछताछ की जाएगी. साथ ही दस्तावेजों की बरामदगी की जाएगी. आरोपी और उसकी कंपनियों के बैंक खाते भी डायरी में लिखे मिले हैं. उनमें किए गए लेनदेन के बारे में भी पूछताछ की जाएगी.

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अवैध रूप से दूतावास संचालित करने वाले फर्जी राजदूत हर्षवर्धन जैन का पांच दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड अदालत ने सोमवार को मंजूर कर लिया. सीजएम कोर्ट ने हर्षवर्धन का 29 जुलाई से दो अगस्त तक की पीसीआर मंजूर की है. मंगलवार को उसे डासना जेल से बाहर लाकर एसटीएफ के साथ-साथ केंद्रीय जांच एजेंसियां भी पूछताछ करेंगी. 

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