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नहीं बचेगा एक भी आतंकी...AI चश्मा रखेगा पैनी नजर, गणतंत्र दिवस 2026 पर हाईटेक सुरक्षा

AI Smart Glasses: इस साल की गणतंत्र दिवस परेड की सुरक्षा पहले से बहुत ज्यादा उन्नत और हाईटेक होगी. AI स्मार्ट चश्मों की मदद से दिल्ली पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखने और सही समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी

Image Source: Social Media
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Special AI Smart Glasses: 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड की सुरक्षा इस साल पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और हाईटेक होने जा रही है. दिल्ली पुलिस ने इस बार जवानों को स्पेशल AI स्मार्ट चश्मे पहनाकर तैनात करने का फैसला किया है. अधिकारियों के मुताबिक, ये चश्मे फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और थर्मल इमेजिंग से लैस हैं. इसका मतलब यह है कि पुलिसकर्मी भीड़भाड़ वाले इलाकों में किसी को रोके बिना ही संदिग्ध लोगों की पहचान कर सकेंगे. यह डिवाइस पूरी तरह भारतीय कंपनी द्वारा तैयार किया गया है और यह सीधे पुलिस डेटाबेस से जुड़ा रहेगा इस डेटाबेस में अपराधियों, घोषित अपराधियों और अन्य संदिग्धों का रिकॉर्ड शामिल है.

इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य है कि परेड के दौरान किसी भी तरह की असामान्य गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. दिल्ली पुलिस ने बताया कि यह कदम पूरी तरह से गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है.

कैसे काम करेगा सिस्टम


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इन स्मार्ट चश्मों को पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन के साथ जोड़ा जाएगा. जब कोई व्यक्ति स्कैन किया जाएगा, तो चश्मा उसके चेहरे का डेटा पुलिस डेटाबेस से मिलाएगा.
यदि कोई व्यक्ति साफ-सुथरा है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, तो ग्रीन इंडिकेटर दिखाई देगा. लेकिन यदि किसी का रिकॉर्ड है, तो लाल बॉक्स या अलर्ट दिखाई देगा. इसके बाद पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकती है.
इस तकनीक से पुलिसकर्मी कुछ ही सेकंड में किसी भी व्यक्ति की पहचान कर पाएंगे. इससे फिजिकल जांच की जरूरत भी कम हो जाएगी और परेड रूट तथा आसपास के इलाकों में भीड़ की आवाजाही भी सुचारू बनी रहेगी.

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स्मार्ट चश्मों में क्या है खास?

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स्मार्ट चश्मा सिर्फ नया चेहरा ही नहीं पहचान सकता. यह पुराने फोटो की लाइव इमेज से तुलना करके यह भी पता लगा सकता है कि कोई व्यक्ति अपने हुलिये को बदलकर बचने की कोशिश कर रहा है. इसका मतलब यह है कि अपराधी चाहे कितने भी समय से फरार हों, पुलिस उन्हें आसानी से पहचान सकती है.

थर्मल इमेजिंग से अतिरिक्त सुरक्षा


फेशियल रिकग्निशन के अलावा, इन चश्मों में थर्मल इमेजिंग फीचर भी शामिल है.
यह फीचर छिपे हुए धातु के ऑब्जेक्ट्स या हथियारों का पता लगाने में मदद करेगा. खासकर भीड़ में, जहां सिर्फ आंखों से जांच करना मुश्किल होता है, ये फीचर एक अतिरिक्त सुरक्षा परत की तरह काम करेगा.

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अधिकारी और पुलिसकर्मी तैनाती

एडिशनल CP महला ने बताया कि ये स्मार्ट चश्मे पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन से जुड़े रहेंगे.
यदि किसी व्यक्ति का बॉक्स हरा दिखेगा, तो इसका मतलब है कि उसका रिकॉर्ड साफ है. यदि बॉक्स लाल हो गया, तो उस व्यक्ति को तुरंत चिह्नित कर लिया जाएगा. अधिकारी तुरंत जांच कर सकते हैं और जरूरत पड़ी तो गिरफ्तारी भी कर सकते हैं.
अधिकारियों ने बताया कि सब-इंस्पेक्टर और अन्य फील्ड अधिकारी समारोह के दौरान इन स्मार्ट चश्मों का इस्तेमाल करेंगे. हालांकि उन्होंने डिवाइस की कुल संख्या या लागत का खुलासा नहीं किया, केवल इतना कहा कि समारोह के लिए पर्याप्त डिवाइस तैनात किए जाएंगे.

सुरक्षित और शांत गणतंत्र दिवस

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इस साल की गणतंत्र दिवस परेड की सुरक्षा पहले से बहुत ज्यादा उन्नत और हाईटेक होगी. AI स्मार्ट चश्मों की मदद से दिल्ली पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखने और सही समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी. यह नई पहल न सिर्फ परेड को सुरक्षित बनाएगी, बल्कि जनता को भी भरोसा दिलाएगी कि पुलिस हर स्थिति में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार है. 26 जनवरी का दिन अब सिर्फ उत्सव का दिन नहीं, बल्कि तकनीक और सुरक्षा का बेहतरीन उदाहरण भी बन जाएगा.

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