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गोवा हादसे के बाद अलर्ट नोएडा पुलिस, 163 रेस्टोरेंट-बार की सख्त जांच

गोवा दर्दनाक हादसे के बाद नोएडा प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी और त्योहारों के मौसम में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी.

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गोवा में हाल ही में हुए दर्दनाक हादसे के बाद गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने जिले में स्थित सभी रेस्टोरेंट और बार पर निगरानी बढ़ा दी है. इसी के तहत पुलिस कमिश्नर ने एक संयुक्त टीम का गठन किया है, जिसमें बिजली विभाग, फायर विभाग और आबकारी विभाग के अधिकारी शामिल हैं. यह टीमें शहर में मौजूद कुल 163 रेस्टोरेंट-बार का विस्तृत निरीक्षण कर रही हैं.

गोवा हादसे के बाद अलर्ट हुई नोएडा पुलिस

इस संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य आगामी त्योहारों-क्रिसमस (25 दिसंबर) और नए साल (1 जनवरी)-से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या हादसे की संभावना को समय रहते रोका जा सके. निरीक्षण के दौरान फायर फाइटिंग इक्विपमेंट की उपलब्धता और उनकी कार्यक्षमता, इमरजेंसी एग्जिट, एंट्री पॉइंट, फायर अलार्म और स्मोक डिटेक्टर जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है. साथ ही, सभी बार और रेस्टोरेंट की इलेक्ट्रिक वायरिंग, लोड मैनेजमेंट और बिजली कनेक्शन के सुरक्षा मानकों की भी बारीकी से जांच हो रही है.

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फायर सेफ्टी और बिजली व्यवस्था की सघन जांच

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मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) ने स्पष्ट किया है कि नोएडा में फायर से संबंधित नियम बेहद सख्त हैं और किसी भी हालत में टेंट में बार या रेस्टोरेंट संचालन की अनुमति नहीं दी जाती. उन्होंने कहा कि अगर किसी स्थान पर नियमों की अनदेखी पाई जाती है तो संचालकों को नोटिस भेजा जाएगा और आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी. जिन बार संचालकों द्वारा जांच में हीलाहवाली की जाती है या नियमों का पालन नहीं किया जाता, उनके खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है.

आबकारी विभाग ने भी कसी शिकंजा

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आबकारी विभाग की टीम एनओसी, लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है. क्रिसमस और नए साल के जश्न के दौरान भीड़ बढ़ने की आशंका के चलते अधिकारियों ने बार संचालकों को पहले ही सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर जागरूक करना शुरू कर दिया है.

इलेक्ट्रिक पटाखों पर सख्त चेतावनी

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इसके अलावा, इलेक्ट्रिक फायर क्रैकर्स के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान देते हुए संचालकों से अपील की जा रही है कि किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रिक पटाखों का उपयोग न करें, क्योंकि इससे आग लगने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है. प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी और त्योहारों के मौसम में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी.

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