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राहुल गांधी के खिलाफ BJP सांसद निशिकांत दुबे ने ‘सब्सटैंटिव मोशन’ को बनाया हथियार, जानें क्या है ये प्रस्ताव
संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव अपने चरम पर है. BJP सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के चुनाव लड़ने पर लाइफटाइम बैन लगाने की मांग की है.
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भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ पत्र लिखा और उनके आचरण पर सवाल खड़े किए. निशिकांत दुबे ने जांच के बाद राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने की भी मांग की है.
निशिकांत दुबे ने अपने पत्र में लिखा, राहुल गांधी ने देश के पूरे नैतिक ताने-बाने को तोड़ दिया है. राहुल गांधी कैसे 'भारत को अंदर से अस्थिर करने वाले ठग गैंग' का एक हिस्सा हैं और कैसे संसद के अंदर और बाहर उनके सोचे-समझे काम देश के लिए नुकसानदायक हैं, यह देश के कोने-कोने में गंभीर चर्चा का विषय है. BJP सांसद ने राहुल गांधी की संसद सदस्यता खत्म करने के साथ-साथ उनके चुनाव लड़ने पर आजीवन बैन लगाने की मांग की है.
राहुल गांधी ने किया सेना का अपमान- दुबे
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निशिकांत दुबे ने लेटर में लिखा, ‘यह बात सब जानते हैं कि न तो देश का कोई नागरिक और न ही कोई नेता या अधिकारी कोई भी ऐसा कुछ नहीं करता है जिससे हमारी सेना का सम्मान कम हो. हालांकि, ये नैतिक मूल्य राहुल गांधी पर लागू नहीं होते. लोकसभा में 11 फरवरी को दिए गए उनके भाषण से यह बिल्कुल साफ है कि उन्होंने चालाकी से पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे का नाम घसीटा.’
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उन्होंने लिखा, ‘ऐसा नहीं है कि राहुल गांधी ने पहली बार सरकार को बदनाम करने के मकसद से विवाद खड़ा करने की कोशिश की है. चाहे वह रक्षा क्षेत्र हो, वित्त हो, कॉमर्स हो या विदेश मामले, राहुल गांधी की संसद और दूसरे सार्वजनिक मंचों पर बेबुनियाद और गलत बातें उठाकर लोगों की भावनाओं को भड़काने की आदत है. उनके इस अड़ियल रवैये की वजह उनका 'सोरोस फाउंडेशन' का एक्टिव एजेंट होना है, जो दुनिया भर में अपने क्लाइंट देशों के फायदे के लिए अलग-अलग देशों को अस्थिर करने के लिए बदनाम है.’
निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के भाषण का जिक्र करते हुए कहा, ‘राहुल गांधी ने अलग-अलग भारतीय कॉर्पोरेट्स का जिक्र किया और एक गलत तस्वीर पेश की, राहुल ने इमेज बनाई कि बड़े बिजनेस घरानों के साथ सरकार की मिलीभगत के कारण हमारा बैंकिंग सिस्टम खत्म हो गया है. राहुल गांधी की ये सभी कोशिशें देश को अंदर से अस्थिर करने के अलावा और कुछ नहीं हैं.’
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निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि लोगों की भावनाओं को भड़काने के लिए राहुल ने न केवल भारत के चुनाव आयोग पर बल्कि सुप्रीम कोर्ट पर भी बेबुनियाद आरोप लगाए हैं. बिना किसी ठोस सबूत के सरकार की गरिमा को कम करने की कोशिश की और जॉर्ज सोरोस और सैम पित्रोदा के साथ मिलीभगत से कई दूसरे संस्थानों को बदनाम किया है. एक सांसद और नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उनके सभी 'गलत व्यवहार' की तुरंत जांच की जाए, ताकि उन्हें लोकसभा से तुरंत निकाला जा सके.’ निशिकांत दुबे ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि वह लोकसभा में राहुल गांधी और जॉर्ज सोरोस के कथित रिश्तों का खुलासा करेंगे. BJP सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए लोकसभा में ‘सब्सटैंटिव मोशन’ लाने का नोटिस दिया है.
क्या होता है ‘सब्सटैंटिव मोशन’
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‘सब्सटैंटिव मोशन’ (Substantive Motion) संसदीय कार्यवाही में एक मूल प्रस्ताव या स्वतंत्र प्रस्ताव होता है. यह एक ऐसा औपचारिक प्रस्ताव है जो सदन (लोकसभा या राज्यसभा) के सामने स्वतंत्र रूप से रखा जाता है और इसका उद्देश्य किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर सदन की स्पष्ट राय या फैसला प्राप्त करना होता है. यह किसी अन्य प्रस्ताव पर निर्भर नहीं होता, बल्कि यह अपने आप में पूर्ण और स्वतंत्र होता है.
सबसे पहले इस प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा के अध्यक्ष को दिया जाता है और सदन में इस पर चर्चा होती है और इसे मतदान के लिए रखा जा सकता है. इसके बाद समिति गठित की जाती है जो इन गंभीर आरोपों की जांच कर किसी नतीजे पर पहुंचती है. अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संसद सदस्यता खत्म करने की कार्रवाई हो सकती है.
निशिकांत दुबे की मांग पर कांग्रेस ने क्या कहा?
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राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने के प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस ने निशिकांत दुबे पर पलटवार किया. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, राहुल गांधी ने कौन सा प्रिविलेज तोड़ा है? पिछली बार उन्होंने उनकी मेंबरशिप खत्म कर दी थी. उसके बाद जो हुआ वह यह था कि लोगों ने उन्हें ज्यादा वोट दिए. अगर आप हमें फांसी देना चाहते हैं, तो हम उसके लिए भी तैयार हैं. हम किसी भी मोशन से नहीं डरते, हम पार्लियामेंट में सच बोलते रहेंगे.