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भारत-न्यूजीलैंड रिश्तों में नया मोड़, पीएम मोदी और लक्सन की ऐतिहासिक मुलाकात!

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की हाल ही में भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच संबंधों को नई मजबूती दी है। पीएम लक्सन ने भारत को न्यूजीलैंड का एक महत्वपूर्ण सहयोगी बताया और पीएम मोदी के साथ मुलाकात को बेहद खास बताया।

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भारत और न्यूजीलैंड के द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की हाल ही में समाप्त हुई भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच सहयोग को नई मजबूती प्रदान की है। उन्होंने भारत को न्यूजीलैंड का 'महत्वपूर्ण साझेदार' करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने समय को अत्यंत सार्थक बताया।

भारत-न्यूजीलैंड के बढ़ते आर्थिक संबंध

प्रधानमंत्री लक्सन की यह आधिकारिक यात्रा 16 से 20 मार्च तक चली, जिसमें उन्होंने नई दिल्ली और मुंबई का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देना था।

लक्सन ने कहा, "भारत, जो कि विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, अगले 10 वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। हमारी सरकार इस साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।"

इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत की शुरुआत रही। दोनों देशों ने गहन आर्थिक एकीकरण प्राप्त करने के लिए संतुलित, महत्वाकांक्षी, व्यापक और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते की जरूरत को स्वीकार किया।

रक्षा सहयोग में नया समझौता

भारत और न्यूजीलैंड न केवल आर्थिक, बल्कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में भी अपने संबंधों को नया आयाम दे रहे हैं। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रक्षा सहयोग पर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना और समुद्री संचार मार्गों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।

लक्सन ने कहा, "क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति न्यूजीलैंड की प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है, क्योंकि न्यूजीलैंड और भारत ने नए रक्षा सहयोग समझौते की घोषणा की है। यह समझौता समुद्री सुरक्षा और रक्षा संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगा।"

प्रधानमंत्री मोदी के साथ महत्वपूर्ण बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई इस बैठक में दोनों देशों ने व्यापार और निवेश के अलावा जलवायु परिवर्तन, तकनीकी सहयोग, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड को भारत के कृषि और डेयरी उद्योग में निवेश के लिए आमंत्रित किया और दोनों देशों के बीच तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

क्रिकेट और सांस्कृतिक संबंध भी चर्चा का विषय

भारत और न्यूजीलैंड के बीच क्रिकेट एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जाता है। दोनों देशों के नागरिकों के बीच इस खेल को लेकर गहरा लगाव है। प्रधानमंत्री लक्सन ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों को और मजबूत किया जाएगा।

इसके अलावा, उन्होंने भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए न्यूजीलैंड में अवसरों को बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड भारत के कुशल श्रमिकों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए और अधिक अवसर खोलेगा।

इस यात्रा से स्पष्ट हो गया कि भारत और न्यूजीलैंड अपने संबंधों को केवल व्यापार तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि रक्षा, शिक्षा, कृषि, तकनीकी सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में भी इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। लक्सन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए लिखा, "भारत के साथ यह साझेदारी हमारे लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। हम मिलकर इस सहयोग को और सुदृढ़ बनाएंगे।"

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के लिए एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। आर्थिक साझेदारी, रक्षा सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों में सुधार के साथ-साथ यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों में एक नई मजबूती लेकर आई है। आने वाले वर्षों में यह सहयोग और अधिक गहराएगा और दोनों देशों को आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक रूप से लाभ पहुंचाएगा।
Source- IANS
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