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'नेहरू ने सांप को पानी पिलाया, मोदी ने PAK को 56 इंच का सीना दिखाया', बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक में भारत ने सिंधु जल समझौते को रोकने का फैसला किया है. इसके बाद पाकिस्तान की छटपटाहट साफतौर दिखने लगी है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक में भारत ने सिंधु जल समझौते को रोकने का फैसला किया है. इसके बाद पाकिस्तान की छटपटाहट साफतौर दिखने लगी है. उम्मीद है की अगले दस दिनों के अंदर भारत और कड़ी कार्रवाई कर सकता है.  मोदी सरकार के एक्शन के बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने पंडित नेहरू द्वारा किए गए इस समझौते की तुलना सांप को पानी पिलाने से की है.

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स पर लिखा, "सांप को पानी पिलाने वाले समझौते के नायक नेहरू जी, जिन्होंने 1960 में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने के चक्कर में सिंधु, रावी, व्यास, चिनाब, सतलुज का हमारा पानी पिलाकर हिंदुस्तानी का खून बहाया, लेकिन आज पीएम मोदी ने दाना पानी बंद कर दिया है. बिना पानी के पाकिस्तानी मरेंगे, यह है 56 इंच का सीना,हुक्का, पानी, दाना पानी बंद, हम सनातनी भाजपा के कार्यकर्ता हैं, तड़पा तड़पा के मारेंगे."

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि भारत ने सिंधु जल समझौते को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया है. यह कदम भारत-पाकिस्तान संबंधों में बढ़ते तनाव के मद्देनजर उठाया गया है. इसके साथ ही, सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क के तहत जारी किए गए सभी वीजा छूट रद्द करने का फैसला भी किया है. इसके अलावा भारत में मौजूद पाकिस्तानी दूतावास को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। केंद्र सरकार ने पाकिस्तानी राजनयिकों को 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश दिया है.

इस फैसले के साथ ही अटारी बॉर्डर चेकपोस्ट को भी बंद किया जाएगा, जिससे भारत और पाकिस्तान के बीच जमीनी संपर्क भी समाप्त हो जाएगा। ये सभी फैसले भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं.

नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के रक्षा, नौसेना और वायुसेना सलाहकारों को 'अवांछित व्यक्ति' घोषित किया गया है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर भारत छोड़ना होगा. इसी तरह भारत भी इस्लामाबाद में स्थित अपने सैन्य सलाहकारों और पांच सहायक कर्मचारियों को वापस बुलाएगा. दोनों देशों के उच्चायोगों की कुल कर्मचारियों की संख्या को 55 से घटाकर 30 किया जाएगा, जो 1 मई तक प्रभावी किया जाएगा. इससे पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि जिन लोगों ने ये हमला किया है, उन्हें सजा मिलेगी.

उन्होंने पोस्ट किया, ''मैं जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं. मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। हमले में प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. उनका नापाक एजेंडा कभी सफल नहीं होगा. आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है और यह और भी मजबूत होगा.''
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