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UP की जेलों में लापरवाही पर लगेगी रोक, AI वीडियो वॉल से होगी 24x7 मॉनिटरिंग
UP: कारागार मंत्री ने सभी जेल अधीक्षकों को नियमित रूप से आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अगर किसी जेल में लापरवाही के कारण कोई घटना होती है, तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी
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UP Jail AI video wall to Enable 24x7 Monitoring: कन्नौज में हाल ही में दो कैदियों के जेल से फरार हो जाने की घटना के बाद कारागार विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है. इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं. शुक्रवार को हुई एक अहम समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ कहा कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जेलों में बंद कैदियों की सुरक्षा के साथ-साथ बाहर की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
सीसीटीवी और लाइव निगरानी पर विशेष जोर
कारागार मंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि जेलों में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह से चालू हालत में हों और सही ढंग से काम कर रहे हों. उन्होंने कहा कि खासकर संवेदनशील और शातिर कैदियों पर लाइव सीसीटीवी के जरिए लगातार नजर रखी जाए. इसके साथ ही मुख्यालय में लगाए गए एआई आधारित वीडियो वॉल ‘जार्विस’ से सभी जेलों के कैमरों को जोड़ा जाए, ताकि अधिकारी मुख्यालय से ही जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख सकें. मंत्री ने स्पष्ट कहा कि एआई तकनीक के जरिए 24 घंटे निगरानी होनी चाहिए, जिससे किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश न रहे.
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रात्रिकालीन गश्त और आकस्मिक तलाशी होगी मजबूत
मंत्री दारा सिंह चौहान ने जेलों में रात की गश्त, अचानक तलाशी और सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने पर खास जोर दिया. उन्होंने कहा कि जेल वार्डर, हेड वार्डर और डिप्टी जेलर की ड्यूटी समय-समय पर बदली जाए, ताकि कोई भी कर्मचारी लंबे समय तक एक ही जगह तैनात न रह. इससे मिलीभगत और लापरवाही की संभावनाएं कम होंगी. इसके अलावा जेलों में हो रहे नए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया.
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“एक जेल, एक उत्पाद” योजना को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में मंत्री ने “एक जेल, एक उत्पाद” योजना पर भी चर्चा की. उन्होंने निर्देश दिए कि जेलों में बंद कैदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों को मेलों, आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाया जाए. इससे न सिर्फ लोगों में जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि बंदियों के पुनर्वास और आत्मनिर्भर बनने में भी मदद मिलेगी. मंत्री ने कहा कि कैदियों को हुनर सिखाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है.
निरीक्षण, परेड और बंदियों की समस्याओं पर ध्यान
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कारागार मंत्री ने सभी जेल अधीक्षकों को नियमित रूप से आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अगर किसी जेल में लापरवाही के कारण कोई घटना होती है, तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही अधीक्षकों को नियमित परेड आयोजित कर बंदियों की समस्याएं सुनने को कहा गया. वृद्ध और गंभीर रूप से बीमार बंदियों के मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए समयपूर्व रिहाई की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए. इस महत्वपूर्ण बैठक में महानिदेशक कारागार पीसी मीना भी मौजूद रहे.