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महाराष्ट्र सरकार में फिर से मंत्री बने NCP नेता छगन भुजबल, धनंजय मुंडे की जगह मंत्रिमंडल में शामिल

NCP के नेता छगन भुजबल ने राजभवन में महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पद की शपथ ली. इस दौरान महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार भी मौजूद रहे. उन्हें धनंजय मुंडे की जगह फडणवीस मंत्रिमंडल में जगह मिली है.

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महाराष्ट्र में फडणवीस कैबिनेट का विस्तार हुआ है. NCP के नेता छगन भुजबल ने राजभवन में मंत्री पद की शपथ ली. इस दौरान महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार भी मौजूद रहे. छगन भुजबल महाराष्ट्र की सियासत में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के सबसे बड़े चेहरों में गिने जाते हैं. शपथ से पहले छगन भुजबल ने खुद को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा था, ‘मुझे इस संबंध में जानकारी दी गई है.’

अंत भला तो सब भला: भुजबल
शपथ लेने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा- "जैसा कि कहा जाता है, 'अगर अंत अच्छा हो तो सब कुछ अच्छा होता है'. मैंने गृह मंत्रालय से लेकर हर जिम्मेदारी संभाली है. मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, वह ठीक रहेगी. यह सीएम का विशेषाधिकार है.’

धनंजय मुंडे की जगह मिला मंत्री पद 
छगन भुजबल को धनंजय मुंडे की जगह फडणवीस मंत्रिमंडल में जगह मिली है. गौर करने वाली बात है कि मुंडे ने मार्च में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके पास खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की जिम्मेदारी थी. दरअसल बीड के सरपंच देशमुख की हत्या के मामले में धनंजय मुंडे के सहयोगी वाल्मिकी कराड का नाम आया था. जिसके बाद मुंडे पर इस्तीफे का दबाव बढ़ गया था.

जानें भुजबल का राजनीतिक सफर
छगन भुजबल महाराष्ट्र के प्रमुख राजनेताओं में गिने जाते हैं. इंजीनियरिंग में डिप्लोमा प्राप्त करने वाले भुजबल नासिक जिले के येवला विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. अपने शुरुआती जीवन में वो एक सब्जी विक्रेता थे और मुंबई के बायकुला मार्केट में काम किया करते थे.  1960 में भुजबल ने शिवसेना से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और लगभग 25 सालों तक इस पार्टी के साथ रहे. 1985 में मझगांव से शिवसेना के विधायक चुने गए और दो बार इस सीट से जीते. उसके बाद 1991 में, मंडल आंदोलन के दौरान OBC आरक्षण के मुद्दे पर शिवसेना से मतभेद के कारण वो पार्टी से अलग हो गए. इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा था. फिर 1999 में जब शरद पवार ने NCP का गठन किया तो भुजबल वहां चले आए और तब से ही NCP के साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं. 1999 में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन की सरकार बनी तो वो उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री दोनों बने.

भुजबल ने विभिन्न मंत्रालयों जैसे गृह, सार्वजनिक निर्माण (PWD), खाद्य और नागरिक आपूर्ति, और उपभोक्ता मामलों में मंत्री के रूप में कार्य किया. 2016 में भुजबल को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था. वो दो साल तक जेल में रहे. बाद में उन्हें जमानत मिली. 2024 में महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से भुजबल नाराज थे और उन्होंने अजित पवार पर निशाना साधा था.

भुजबल वर्तमान में अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ हैं, जो महायुति गठबंधन (बीजेपी, शिवसेना, और एनसीपी) का हिस्सा है. 2024 के विधानसभा चुनाव में एनसीपी ने 41 सीटें जीती थीं.
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