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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का आत्मसमर्पण, डिप्टी CM ने खुशी जताते हुए केंद्र की रणनीति को माना कामयाब

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के आत्मसमर्पण की बड़ी सफलता पर डिप्टी CM विजय शर्मा ने खुशी जताई. उन्होंने इस उपलब्धि के लिए पीएम मोदी और अमित शाह की नीतियों और रणनीतियों को श्रेय दिया, जिसे राज्य में शांति और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है.

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छत्तीसगढ़ में 210 नक्सलियों का ऐतिहासिक आत्मसमर्पण: डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया बस्तर को नक्सल-मुक्त करने का बड़ा कदमजगदलपुर, 18 अक्टूबर 2025: छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में शनिवार को 210 नक्सलियों के सामूहिक आत्मसमर्पण ने इतिहास रच दिया. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इसे केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त रणनीति की ऐतिहासिक सफलता बताया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति की सराहना की, जो पवई हमले के बाद तैयार की गई थी. इस आत्मसमर्पण को बस्तर को लाल आतंक से मुक्त करने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है. 153 हथियारों के साथ नक्सलियों ने मुख्यधारा में वापसी की, और अब क्षेत्र में केवल 47 नक्सली बचे हैं.  

आइए, इस घटना की पूरी जानकारी और डिप्टी सीएम के बयानों को विस्तार से जानें.

210 नक्सलियों ने डाले हथियार

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शनिवार को जगदलपुर में आयोजित समारोह में 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिसमें एक केंद्रीय समिति सदस्य, चार दंडकारण्य विशेष जोनल कमेटी के सदस्य, 21 डिवीजनल कमेटी और 61 एरिया कमेटी के सदस्य शामिल हैं. नक्सलियों ने 153 हथियार सौंपे, जिनमें 19 AK-47 राइफल्स, 17 सेल्फ-लोडिंग राइफल्स, 23 INSAS राइफल्स, एक INSAS LMG, 36 .303 राइफल्स, चार कार्बाइन और 11 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर शामिल हैं. डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने इसे समाज और सशस्त्र बलों की जीत बताया.

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मोदी-शाह के नेतृत्व की तारीफ

विजय शर्मा ने केंद्र और राज्य सरकारों को बधाई देते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद पर खुलकर बात की. पवई हमले से वे बहुत बेचैन थे. उनके निमंत्रण पर गृह मंत्री अमित शाह ने रणनीतियां तय कीं. " मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. पवई हमले के बाद बनी रणनीति ने नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया. बस्तर में अब 47 नक्सली शेष: उत्तर-पश्चिम क्षेत्र नक्सल-मुक्तशर्मा ने बताया कि इस आत्मसमर्पण के बाद बस्तर में केवल 47 नक्सली बचे हैं, जिससे उत्तर-पश्चिम बस्तर पूरी तरह नक्सल-विहीन हो गया है. उन्होंने कहा, "यह समूचे समाज की जीत है, खासकर सशस्त्र बलों के जवानों की. " दंडकारण्य क्षेत्र से आए इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटकर हजारों जिंदगियां बचाने का रास्ता खोला है.

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भ्रम फैलाने वालों को चेतावनी

डिप्टी सीएम ने अर्बन नक्सलियों पर निशाना साधते हुए कहा, "सरकार बनते ही हमें 55 लोगों को दिल्ली ले जाना पड़ा, जो दिव्य हो चुके थे. ये लाखों में हैं, लेकिन कोई पूछने वाला नहीं. " उन्होंने कहा कि ये लोग भ्रम फैलाकर विकास को रोकते हैं. "विकास न होने से बंदूक नहीं उठाई जाती. लोकतंत्र में विरोध के हजार तरीके हैं. " नक्सलियों ने धोखे से अपनी फोर्स बनाई, लेकिन अब 210 लोगों की वापसी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया.

पूर्व सरकारों पर सवाल :

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शर्मा ने पूर्व सरकारों की आलोचना करते हुए कहा, "झीरम घाटी की जांच रिपोर्ट आज तक क्यों नहीं दिखाई गई? पिछली सरकारें कुछ करती रहीं, लेकिन हमारी शिद्दत अलग है. " उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान सरकार की नीतियां नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने पर केंद्रित हैं. गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसे सकारात्मक कदम माना है.

ऑपरेशन की सफलता :

विजय शर्मा ने ऑपरेशन की सफलता पर कहा, "20 दिनों में NTRO, DRDO, ISRO, ITBP और NSG से जरूरी हथियार मिले. " बस्तर के बांझी, चालकी, पुजारी, गायता और पेरूमल जैसे समुदायों ने इसमें अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा, "भाजपा या सरकार ने इसे घटना नहीं बनाया, बल्कि समाज ने इसे स्वीकार किया. "

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मीडिया की भूमिका :

मीडिया की तारीफ करते हुए शर्मा ने कहा, "मीडिया के बिना यह संभव नहीं था. आपकी उपस्थिति से ही स्वीकृति मिलती है. " पत्रकारों की कवरेज ने आत्मसमर्पण को प्रोत्साहित किया और इसे जनता तक पहुंचाने में मदद की. बस्तर होगा नक्सल-मुक्त: सरकार का आश्वासनडिप्टी सीएम ने विश्वास जताया कि बस्तर जल्द ही नक्सल-मुक्त होगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "अच्छी सरकार, विकास और विश्वास से लाल आतंक हार रहा है. " उत्तर-पश्चिम बस्तर अब नक्सल-विहीन है, और मार्च 2026 तक पूरा बस्तर नक्सल-मुक्त होगा.

आत्मसमर्पित नक्सलियों को नया मौका

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सरकार ने "नियद नेल्ला नर योजना" और "पुना मार्गेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन" नीति बनाई है. शर्मा ने स्पष्ट किया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को डीआरजी में जबरन नहीं डाला जाएगा. जेल में बंद नक्सलियों को भी पुनर्वास का अवसर मिलेगा. यह घर वापसी का अभियान है. निष्कर्ष: विकास और विश्वास की जीतयह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ और देश के लिए ऐतिहासिक है. डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि यह नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी जीत है. सरकार का फोकस अब विकास, शिक्षा और रोजगार पर है. बस्तर की जनता और सशस्त्र बलों की मेहनत ने यह साबित किया कि विश्वास और रणनीति से लाल आतंक को हराया जा सकता है. 

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