Advertisement

Loading Ad...

अमेरिका में मुसलमानों पर हो रहा 'अत्याचार'! भारतीय मूल के मेयर उम्मीदवार ने रोते हुए बताई ट्रंप सरकार के 'महापाप' की कहानी, सामने आई VIDEO

अमेरिका में मुसलमानों के खिलाफ ट्रंप सरकार द्वारा हो रहे 'महापाप' की पोल खोलते हुए न्यूयॉर्क शहर के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जोहरान ममदानी ने बताया कि 'अमेरिका में हालात ऐसे हैं कि मुस्लिम पहचान छुपाकर अमेरिका में रह रहे हैं, लेकिन वह खुद पहचान ना छुपाने वाले लोगों को हिम्मत दे रहे हैं. अमेरिका में पहचान बताकर रहना मुसलमानों के लिए अभिशाप बन गई है.'

Loading Ad...

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मेयर पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जोहरान ममदानी ने अमेरिकी सरकार की पोल खोल कर रख दी है. उन्होंने बताया कि ट्रंप के देश में मुस्लिम महिलाओं का क्या हाल है और वह किस दशा में अपने परिवार के साथ हैं. बता दें कि अमेरिकी संस्था USCIRF लंबे समय से भारत में अल्पसंख्यकों को लेकर उल्टी-सीधी रिपोर्ट्स पेश करती रहती हैं. इन संस्थाओं को अपने देश से ज्यादा इस बात की चिंता रहती है कि भारत में मुसलमानों पर अत्याचार हो रहे हैं या उनके हालात काफी ज्यादा खराब हैं, लेकिन असलियत यह है कि अमेरिका में खुद मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है और वह अपने यहां हो रहे 'महापाप' को छुपाने की कोशिश करता रहता है. ऐसे में जोहरान ममदानी ने खुद मुसलमानों के खिलाफ हो रहे 'महापाप' पर अपना दर्द बयां किया है. 

'पहचान छुपा कर अमेरिका में रह रहे मुस्लिम' 

अमेरिका में मुसलमानों के खिलाफ ट्रंप सरकार द्वारा हो रहे महापाप की पोल खोलते हुए न्यूयॉर्क शहर के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जोहरान ममदानी ने बताया कि 'अमेरिका में हालात ऐसे हैं कि मुस्लिम पहचान छुपाकर अमेरिका में रह रहे हैं, लेकिन वह खुद पहचान ना छुपाने वाले लोगों को हिम्मत दे रहे हैं. अमेरिका में पहचान बताकर रहना मुसलमानों के लिए अभिशाप बन गई है.'

Loading Ad...

'अपना धर्म नहीं बदलेंगे' 

Loading Ad...

ममदानी ने आगे कहा कि ' वह अपने मुस्लिम पहचान को छुपाने की बजाए उसे खुलकर अपनाएंगे और चाहे खाने-पीने के तरीके हो या धर्म वह कभी भी कुछ भी नहीं बदलेंगे, जिस पर उन्हें गर्व है.' बता दें कि शुक्रवार को वह अपने समर्थकों को संबोधित करने पहुंचे थे. इस दौरान मेयर उम्मीदवार ने पूर्व गवर्नर एंड्रयू क्यूमो और उनके समर्थकों की ओर से होने वाले हमले का भी जवाब दिया. 

बयान देते वक्त आंखों में आ गए आंसू

Loading Ad...

एक मस्जिद के बाहर बोलते-बोलते ममदानी अचानक से रो पड़े. आंखों में आंसू लिए उन्होंने कहा कि 11 सितंबर के हमलों के बाद उनकी चाची के साथ क्या हुआ था? इस दौरान मेयर उम्मीदवार ने बताया है कि 'चाची खुद को बचाने के लिए सबवे का इस्तेमाल नहीं कर पा रही थी, क्योंकि उस दौरान उन्होंने हिजाब पहन रखा था. उन्हें इस बात का डर था कि अकेला पाकर कोई उनकी पहचान के लिए टारगेट कर सकता है.' 

'चाचा ने धर्म छुपाने का दिया सुझाव'

न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ने एक और किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कि 'जब वह पॉलिटिक्स ज्वाइन करने वाले थे, तो उनके चाचा ने डर के मारे उनसे धर्म छुपाने तक का सुझाव दिया था.' ममदानी का यह रिएक्शन पूर्व गवर्नर एंड्रयू क्यूमो के एक रेसिस्ट कमेंट के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने ममदानी पर विक्टिम कार्ड खेलने का आरोप लगाया था. 

Loading Ad...

'न्यूयॉर्क में मुसलमानों को समान व्यवहार नहीं मिलता'

न्यूयॉर्क शहर में मुसलमानों को समान व्यवहार न मिलने पर उन्होंने कहा कि 'अमेरिका में रहने वाले हर मुस्लिम का सपना बस यही है कि उसे किसी अन्य न्यूयॉर्कर कि तरह समान व्यवहार मिले. लेकिन लंबे समय तक हमें काम मांगने पर जो भी मिलता है, उसी से संतुष्ट रहने के लिए कहा गया है.' 

कौन हैं जोहरान ममदानी?

Loading Ad...

बता दें कि जोहरान ममदानी साल 2018 में अमेरिका के नागरिक बने थे. उसके बाद साल 2020 में न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के सदस्य बने. 2025 में जोहर ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की प्राइमरी जीती, लेकिन उससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि 35 साल के ममदानी ने अमेरिका की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है.

न्यूयॉर्क में मेयर पद के लिए मतदान शुरू

यह भी पढ़ें

न्यूयॉर्क में मेयर चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है. इस चुनाव पर पूरे अमेरिका की नजर है. भारतीय मूल के जोहरान ममदानी डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार है और मेयर पद के तगड़े दावेदार हैं. न्यूयॉर्कवासी शनिवार से लेकर 2 नवंबर तक मतदान कर सकेंगे. मुख्य मतदान 4 नवंबर को होना है और नए साल पर विजेता मेयर पद संभालेगा. विभिन्न पोल्स में जोहरान ममदानी को 47 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला है और वे एंड्रयू क्यूमो से 18 पॉइंट्स आगे हैं. वहीं तीसरे स्थान पर रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस सिल्वा हैं, जिन्हें 16 प्रतिशत लोगों का समर्थन हासिल है. 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...