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'हमारे दोस्त की धरती से मुनीर ने यह...', पाक आर्मी चीफ की अमेरिका से धमकी पर शशि थरूर का बयान, कहा - यह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं
पाकिस्तान आर्मी चीफ असीम मुनीर की भारत को परमाणु धमकी दिए जाने पर कांग्रेस नेता शशि थरूर का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि हमारे देश के दोस्त की धरती से ऐसा बयान कतई बर्दाश्त नहीं है.
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अमेरिका की धरती से पाकिस्तान सेना के चीफ प्रमुख असीम मुनीर द्वारा भारत को परमाणु धमकी दिए जाने पर कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा कि इस तरह की पाकिस्तान की परमाणु धमकी भारत को कतई स्वीकार नहीं है. भारत को उसके दोस्त मुल्क से यह धमकी दी गई है. बता दें कि फ्लोरिडा के टैम्पा में पाकिस्तानी प्रवासियों से बातचीत करते हुए मुनीर ने कहा कि अगर भविष्य में किसी भी तरह का भारत के साथ युद्ध होता है, तो वह अपने साथ कई अन्य देशों को भी ले डूबेंगे.
असीम मुनीर की परमाणु धमकी पर शशि थरूर का बयान
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मुनीर के परमाणु धमकी वाले बयान पर कहा कि 'इस मुद्दे पर प्रश्न पूछा गया था और विदेश सचिव का जवाब था कि बिल्कुल हम कभी भी इसे गंभीरता से नहीं ले सकेंगे. भारत कभी भी इस तरह की परमाणु धमकी को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने यह धमकी एक ऐसे देश में दी है, जो हमारा एक अच्छा दोस्त है. उन्होंने वहां से खड़े होकर ऐसा कहा है, तो यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा.'
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असीम मुनीर ने भारत को दी न्यूक्लियर धमकी
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इससे पहले पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर ने कहा था कि 'हम एक परमाणु राष्ट्र हैं और अगर हमें लगता है कि हम डूब रहे हैं, तो हम अपने साथ आधी दुनिया को ले जाएंगे.' सिंधु जल संधि समझौते के रद्द होने से 25 करोड़ लोग भुखमरी का शिकार हो रहे हैं. हम इंतजार कर रहे हैं कि भारत कब बांध बनाता है और जब वह बनाएगा, तो हम उसे 10 मिसाइल हमलों से तबाह कर देंगे. सिंधु नदी भारत के लोगों की पारिवारिक संपत्ति नहीं है. हमारे पास मिसाइलों की कमी नहीं है.' बता दें कि भारत के साथ 4 दिनों तक चले संघर्ष के बाद मुनीर का यह दूसरा अमेरिकी दौरा है. इससे पहले जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी.
पाक आर्मी चीफ के न्यूक्लियर धमकी पर विदेश मंत्रालय का बयान
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मुनीर के बयान पर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की भी प्रतिक्रिया सामने आई है, जहां इस मामले को खेदजनक बताया गया है. भारत का कहना है कि 'इस तरह के बयान एक मैत्रीपूर्ण राष्ट्र की जमीं से दिए गए. भारत पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि वह इस तरह की न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा, हम अपने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे.'