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बुल्डोजर का ऐसा डर, कांपने लगे सांसद Yusuf Pathan, अब होगा तगड़ा एक्शन

सांसद पद की शपथ लेने से पहले ही टीएमसी नेता युसुफ पठान पर एक नई मुसीबत टूट पड़ी।और ये मुसीबत भी ऐसी है कि युसुफ पठान बुल्डोजर के डर से थर थर कांपने लगे हैं, क्या है पूरा मामला देखिये ये रिपोर्ट ।

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Yusuf Pathan : कभी क्रिकेट की पिच पर विरोधियों के छक्के छुड़ाने वाले पूर्व क्रिकेटर युसुफ पठान अब नए नए नवेले सांसद बन गये हैं।इसी साल उन्होंने राजनीति में कदम रखा। और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें टिकट देकर चुनावी मैदान में भी उतार दिया। जहां उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता अधीर रंजन चौधरी को चुनाव हराकर जीत हासिल की।और अब वो जल्द ही संसद में नजर आएंगे। लेकिन सांसद पद की शपथ लेने से पहले ही टीएमसी नेता Yusuf Pathan पर एक नई मुसीबत टूट पड़ी। और ये मुसीबत भी ऐसी है कि युसुफ पठान बुल्डोजर के डर से थर थर कांपने लगे हैं।

दरअसल क्रिकेट के मैदान से सीधे सियासत के मैदान में उतरे युसुफ पठान पहली बार चुनाव लड़े। और पहली बार में ही जीत कर सांसद भी बन गये। वो भी पश्चिम बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट से। यानि युसुफ पठान सांसद तो भले ही पश्चिम बंगाल से हों ।लेकिन उनका रिश्ता तो आज भी पीएम मोदी के गढ़ गुजरात से है।जहां वडोदरा में उनका अपना घर है। और यहीं पर पूरे परिवार के साथ युसुफ पठान रहते हैं। जहां उन्होंने वडोदरा नगर निगम से एक जमीन मांगी थी।और उनके इस प्रस्ताव को वडोदरा नगर निगम में मंजूर भी कर लिया था। लेकिन गुजरात सरकार ने जमीन की बिक्री को खारिज कर दिया था। और इसी के साथ ही वडोदरा नगर निगम को जमीन घेरने के लिए भी कह दिया था।इसी मामले में टीएमसी सांसद युसुफ पठान इस कदर घिर गये हैं कि उन्हें कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ रहा है। जमीन खाली करने के लिए सरकार की ओर से मिले नोटिस के बाद सीधे हाईकोर्ट पहुंचे युसुफ पठान ने कहा।

"साल 2012 में ही नगर निगम को जमीन लेने के लिए आवेदन किया था फिर साल 2014 में निगम ने अलग से प्रस्ताव लाया और उसे राज्य सरकार को भेज दिया, जो लीगल नहीं है, मैं हाल ही में लोकसभा चुनाव में चुना गया और मुझे प्रताड़ित करने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि मैं एक दूसरी पार्टी से चुना गया, पिछले 10 साल में कुछ नहीं किया गया और अचानक चुनाव परिणाम के बाद 6 जून को एक नोटिस भेज दिया गया"

टीएमसी सांसद युसुफ पठान जमीन को लेकर हाईकोर्ट में जब दलील दे रहे थे। तो इस दौरान बुल्डोजर का डर भी देखने को मिला। जब अपनी दलील के दौरान युसुफ पठान ने कहा " निगम के प्रस्ताव के बाद फिर से उसे राज्य सरकार को भेजा गया, जो जरूरी नहीं है, क्योंकि यह नगर निगम की जमीन है, राज्य सरकार की नहीं, अगर हमने इसे नहीं हटाया तो सीधे बुलडोजर आएगा "

युसुफ पठान ने जमीन खाली करने के लिए मिले नोटिस को चुनावी नतीजों से जोड़ने की कोशिश की। जिस पर जिस पर कोर्ट ने भी उन्हें तगड़ी नसीहत देते हुए कहा कि मुद्दे से ना भटकें। मुख्य मुद्दे पर ही टिके रहे हैं। अब इस मामले में कोर्ट ने वीएमसी के वकील को भी अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। आपको बता दें जिस जमीन को लेकर विवाद चल रहा है।वो जमीन दरअसल युसुफ पठान के घर के बगल में है। जिसे उन्होंने बाजार दर पर खरीदने की पेशकश की थी।और वडोदरा नगर निगम ने 2014 में जमीन बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी थी।लेकिन राज्य सरकार ने इसकी मंजूरी नहीं दी थी।क्योंकि वही इसका अंतिम प्राधिकरण थी।यही वजह है कि गुजरात सरकार ने टीएमसी सांसद युसुफ पठान को जमीन खाली करने का नोटिस दिया है। 
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