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खदान से निकला ‘कोहिनूर’ से भी बड़ा हीरा! रातोंरात हुआ गायब, पन्ना में चमत्कार और साजिश का हैरतअंगेज मामला
खदान से एक ऐसा नायाब हीरा मिला जिसकी रोशनी से आंखें चौँधिया जाएं. चमक ऐसी की किसी लोग इस हीरे को कोहिनूर कहने लगे. आकर्षण ऐसा कि किसी की नियत भी डोल जाए. जय बहादुर के लिए ये पल किसी चमत्कार से कम नहीं था, लेकिन रातों रात ही कुछ ऐसा हो गया जिसने खदान मालिक जय बहादुर की नींद उड़ा दी.
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मध्य प्रदेश की एक छोटी सी हीरा खदान के संचालक जय बहादुर सिंह हर दिन की तरह काम पर गए थे. यूं तो हर दिन उनकी खदान से हीरे निकलते थे लेकिन 5 सितंबर को खदान से एक ऐसा नायाब हीरा मिला जिसकी रोशनी से आंखें चौँधिया जाएं. चमक ऐसी की किसी लोग इस हीरे को कोहिनूर कहने लगे. आकर्षण ऐसा कि किसी की नियत भी डोल जाए. जय बहादुर के लिए ये पल किसी चमत्कार से कम नहीं था, लेकिन रातों रात ही कुछ ऐसा हो गया जिसने खदान मालिक जय बहादुर की नींद उड़ा दी. खदान से निकला वो नायाब बेशकीमती हीरा अचानक गायब हो गया.
मध्य प्रदेश के पन्ना में खदान से 150 कैरेट के कोहिनूर जैसे हीरा निकलने का मामला सुर्खियों में है. हालांकि हीरा हाथ तो आया लेकिन खदान संचालक जय बहादुर के मुंह को न लगा. आरोप है कि इस बेशकीमती हीरे को जय बहादुर के पार्टनर ने हड़प लिया और रातों रात गायब कर दिया. पार्टनर ने हीरा गायब करने का षडयंत्र रचा. खदान से नायाब हीरे निकलने, गायब होने और मामले के पुलिस केस तक की पूरी कहानी जानिए.
पार्टनर ने कैसे हड़पा हीरा?
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खदान संचालक जयबहादुर का कहना है कि, इसी साल फरवरी में उन्होंने कृष्णा कल्याणपुर पट्टी में हीरा खदान का पट्टा बनवाया था. इसमें उनके साथ दयाराम पटेल, किशोर खेड़े, नरेंद्र कुमार सेन, महेंद्र सिंह गौंड़ और प्रकाश पटेल पार्टनर बने. इसके करीब 6 महीने बाद उनकी खदान से 5 सिंतबर को अब तक का सबसे बड़ा हीरा निकला है. जय बहादुर का आरोप है कि दयाराम ने हीरा गायब कर दिया.
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जय बहादुर ने थाने में अपनी लिखित शिकायत में कहा कि, कृष्णा कल्याणपुर पट्टी की हीरा खदान से 150 कैरेट का हीरा निकला था. अब ये हीरा उनके पार्टनर दयाराम पटेल के पास है. जयबहादुर का कहना है कि, उन्होंने हीरा हाथ में रखकर फोटो खिंचवाई थी और एक दूसरे पार्टनर को भेजी थी. आरोप है कि दयाराम की नियत बदल गई और उसने हीरा गायब कर दिया. दयाराम अब नई खदान का पट्टा बनवाने की फिराक में हैं. जय बहादुर ने पुलिस से गुहार लगाते हुए हीरा वापस दिलाने की मांग की है.
पन्ना खदान से निकला अब तक का सबसे बड़ा हीरा
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पन्ना की खदान से जो हीरा निकला है वो अब तक का सबसे बड़ा हीरा माना जा रहा है. पन्ना की किसी भी खदान से अब तक इतना बड़ा हीरा नहीं निकला. 150 कैरेट वजनी इस हीरे की कीमत कई करोड़ों में आंकी जा रही है.
इससे पहले पन्ना की खदान से निकले दो हीरों ने रिकॉर्ड बनाया है. जिसमें एक 42 कैरेट का हीरा जो नीलामी में करीब ढाई करोड़ रुपए में बिका था. इससे पहले साल 1961 में 44 कैरेट 55 सेंट का हीरा निकला था.
कोहीनूर से भी बड़ा हीरा
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जय बहादुर का दावा सच निकला तो यह हीरा कोहिनूर से भी बड़ा है. कोहिनूर हीरे का वजन 105.6 कैरेट आंका गया था. दावा किया जाता है कि करीब 800 साल पहले आंध्र प्रदेश के गोलकुंडा में कोहिनूर हीरे मिले थे. कोहिनूर को ही अब तक सबसे बड़ा हीरा माना जाता है. ऐसे में पन्ना की खदान से निकला हीरा दुनिया का सबसे बड़ा हीरा होगा. हालांकि इसके लिए पहले हीरे की जांच और क्वालिटी टेस्ट किया जाएगा. इस मामले में हीरा कार्यालय के पारखी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. इसके साथ ये भी जांच की जाएगी की खदान से कोई चमकदार पत्थर निकला है या हीरा निकला है.