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दुनिया में दिखी मोदी की धमक, बाइडेन-पुतिन को बस भारत पर भरोशा !

प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के लिए जरुरी है, ये दुनिया का मानना है, क्योंकि रुस-यूक्रेन युध्द को रुकवाने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मोदी से बात की है, रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी मोदी से बात की है।

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ढाई साल से रुस-यूक्रेन यूध्द के मैदान में है, हजारों जिंदगी और लाखों करोड़ की संपत्ति स्वाह हो चुकी है लेकिन अब लगता है कि दोनों देशों की अकड़ टूट चुकी है, रुस जो कमाता है यूद्ध में गंवा देता है, और युक्रेन को गोला-बारुद अमेरिका भेज रहा है मतलब नाटो देश भेज रहे है और अब लगत है वो भी थक चुके है क्योंकि नाटो के सारे देश रुस को झूका नहीं पाए है तो अब सब युद्ध विराम कि तरफ देख रहे है, शांति की बात कर रहे है, और इस शांति के लिए चुना गया है भारत को युक्रेन के राष्ट्रपति ने खुद कहा है कि अगली शांति वार्ती भारत में होने चाहिए और अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की इससे पता चलता है कि भारत दुनिया में एक विश्व शक्ति बनकर उभरा है। पुतिन और बाइडेन से बातचीत की जानकारी खुद प्रधानमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर दी। प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन से बात के बाद लिखा कि आज राष्ट्रपति पुतिन से बात की। विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। रूस-यूक्रेन संघर्ष और यूक्रेन की हाल की यात्रा से प्राप्त अंतर्दृष्टि पर विचारों का आदान-प्रदान किया। संघर्ष के शीघ्र, स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई 
इसके साथ ही मोदी ने बाइडेन से बात होने की भी पुष्टी खुद ही की है। 

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व्लादिमिर पुतिन और जो बाइडेन से आज फोन पर बात की। हमने यूक्रेन की स्थिति सहित विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। मैंने शांति और स्थिरता की शीघ्र वापसी के लिए भारत के पूर्ण समर्थन को दोहराया। हमने बांग्लादेश की स्थिति पर भी चर्चा की और सामान्य स्थिति की शीघ्र बहाली तथा बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।  इससे पहले युक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भी मोदी को प्रभावी व्यक्ति बता चुके है, कह चुके है मोदी पुतिन को रोक सकते है, क्योंकि वो दुनिया भर में प्रभावी व्यक्ति है और युध्द समाप्ति की अगली बैठक भारत में करवाई जानी चाहिए। यही भाषा अमेरिका भी इस्तेमाल कर चुका है, भारत से अपील करते हुए अमेरिका ने कहा था कि भारत रुस से अपने ऐतिहासिक संबंधों का इस्तेमाल कर पुतिन से कहकर युध्द रुकवा सकते है। अब यहां दो बातें है एक तो मैने आपको बता दी कि दुनिया भारत के बारे मे क्या सोचती है और दुसरा भारत के विपक्षी नेता है। जो इस बात का मजाक बनाते है कि मोदी रुस-युक्रेन युध्द रुकवाने का बस बहाना कर रहे है। दुनिया को भारत पर भरोसा है लेकिन भारत के कुछ लोगों को नहीं है। युध्द की वजह से दुनिया में जो उतल-पुथल मची है उसके केंद्र में भारत है, और यही भारत की वैश्विक और कूटनितिक ताकत है। दुनिया में भारत की बढती धमक का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। दुनिया को अंदाजा हो चुका है कि वैश्विक शांति के लिए भारत जरुरी है। 

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