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मोदी ने फहराया अयोध्या में 191 फुट ऊंचा राम ध्वज… क्या है इसका महत्व? क्यों फहराया गया ध्वज?

Ayodhya: प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या में 191 फुट ऊँचा राम ध्वज फहराया. 25 नवंबर का दिन विवाह पंचमी है, जिसे त्रेतायुग में भगवान राम और सीता के विवाह का दिन माना जाता है.

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अयोध्या का राम मंदिर भारतीय राजनीति के इतिहास में एक अहम मुद्दा रहा है. सभी पार्टियों ने इस मुद्दे को भुनाया है. इसके अलावा राम मंदिर के साथ लोगों की जनभावना भी जुड़ी रही है. खैर, एक लंबे संघर्ष के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्म भूमि के पक्ष में फ़ैसला सुनाया. प्रधानमंत्री मोदी ने 5 अगस्त, 2020 को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन किया. और आख़िरकार, 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम भी संपन्न हुआ. 

अयोध्या में 25 नवंबर को पीएम ने फहराया राम ध्वज

25 नवंबर का दिन विवाह पंचमी है, जिसे त्रेतायुग में भगवान राम और सीता के विवाह दिवस के रूप में जाना जाता है. इस लिहाज़ से आज का दिन काफ़ी महत्वपूर्ण है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर बताया कि वह मंगलवार दोपहर लगभग 12 बजे श्री राम लला के पवित्र मंदिर के शिखर पर केसरिया ध्वज के विधिवत आरोहण के ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे. और अब पीएम मोदी ने आखिरकार राम ध्वज फहरा दिया है. अयोध्या इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ आएसएस प्रमुख मोहन भागवत, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे. 

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राम ध्वज का महत्व एवं विशेषताएं 

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अयोध्या के हनुमत निवास मंदिर के मुख्य पुजारी नंदिनी शरण ने कहा, ‘रघुवंशी में ध्वज की परंपरा रही है. भगवान राम के वंश के लिए कोविदारा वृक्ष का प्रतीक झंडा माना जाता है. नई परंपरा में भी उसी विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास है.’  राम ध्वज की कुल ऊँचाई 191 फुट है. इसमें 161 फुट मंदिर के मुख्य शिखर की ऊँचाई शामिल है. जानकारी के मुताबिक़ ध्वज 22 फुट लंबा और 11 फुट चौड़ा है. इसका वजन 2 से 3 किलो है. 

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