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जीप चला रहे थे मोदी, तभी RSS नेता ने कंधे पर तोड़ दिया था दम, मोदी की लाइफ़ से जुड़े अनसुने क़िस्से

17 सितंबर को पीएम मोदी का 74वां जन्मदिन मनाया गया.. वडनगर से एक गरीब परिवार से निकले पीएम मोदी का जीवन काफ़ी संघर्ष भरा रहा. पीएम मोदी के जीवन से जुड़े कई ऐसे अनसुने कई क़िस्से भी हैं. जिनको जानके बाद हर कोई हैरान हो गया

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देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 सितंबर को 74वां जन्मदिन मनाया गया। मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म आज़ादी के बाद हुआ। वडनगर के एक गरीब परिवार से निकले नरेंद्र मोदी ने कई सालों तक RSS के लिए काम किया, उसके बाद राजनीति की सीढ़ियों पर कदम रखा, और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। संघर्ष के साथ आगे बढ़ते गए। चार बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने और तीन बार प्रधानमंत्री। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री बनने से पहले वो कभी संसद के सदस्य भी नहीं थे। मुख्यमंत्री से सीधे उनका प्रमोशन देश के प्रधानमंत्री के तौर पर हुआ, क्योंकि पीएम मोदी के कामकाज करने का अंदाज जनता को काफी पसंद आता है। उनकी नीतियों से लोग काफी प्रभावित हैं। यही वजह है कि वो राजनीति में बेहतर मुकाम तक पहुँचे। लेकिन पीएम मोदी के दौर से जुड़े कई ऐसे क़िस्से भी हैं जिनके बारे में बताएंगे, तो आप भी हैरान हो जाएंगे। चलिए बताते हैं।

दरअसल, पीएम मोदी को धैर्य के लिए जाना जाता है। लंबे समय तक उन्होंने RSS में रहकर सेवा की। एक बार वडोदरा में एक संगीत कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम में RSS के प्रचारक लक्ष्मण राव इनामदार भी शामिल हुए थे। ऐसे में नरेंद्र मोदी कार्यक्रम के बाद उन्हें जीप से स्टेशन छोड़ने जा रहे थे। नरेंद्र मोदी ख़ुद जीप ड्राइव कर रहे थे। इसी दौरान RSS नेता की तबियत बिगड़ गई और उन्होंने पीएम मोदी के कंधे पर सिर रखा, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। मोदी फिर भी उन्हें संभालते हुए जीप चलाते रहे।

पीएम मोदी अक्सर अपनी बातों में लक्ष्मण राव इनामदार की चर्चा करते नजर आते हैं। चर्चा के दौरान मोदी ने उन्हें अपना राजनीतिक गुरु तक बताया है। दरअसल, 1960 के दशक की शुरुआत में मोदी पहली बार इनामदार से तब मिले थे, जब वो काफ़ी छोटे थे। उन दिनों उनके भाषण सुनकर मोदी लक्ष्मण राव के क़ायल हो गए थे, जिसके बाद मोदी उनके कार्यक्रमों में जाने लगे और RSS की विचारधारा से जुड़ गए। इसी के साथ पीएम मोदी का आपातकाल का एक और क़िस्सा है।

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आपातकाल में मोदी बन गए सरकार

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दरअसल, नरेंद्र मोदी जब 8 साल के थे, तब वे सभी RSS के संपर्क में आ गए थे। 17 साल की उम्र में वो RSS के पूर्णकालिक प्रचारक बन गए। आपातकाल के दौरान वो RSS नेताओं के साथ खूब सक्रिय रहते थे। इंदिरा गांधी सरकार के ख़िलाफ़ खूब आर्टिकल लिखते थे, जिस वजह से पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए ढूंढ रही थी। तभी पहचान छुपाने के लिए मोदी सरकार की बेशभूषा में आए थे। एक बार तो मोदी सरदार बनकर जेल भी पहुंच गए थे।

तो तमाम ऐसे अनसुने क़िस्से पीएम मोदी की लाइफ़ से जुड़े हुए हैं, जिनके सुनने के बाद हैरान भी होती है, क्योंकि पीएम मोदी की जीवन शुरुआत से ही काफ़ी संघर्षों से भरी रही है।

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