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भारतीय न्याय प्रणाली का आधुनिकीकरण, पीएम मोदी ने देखा नए 3 आपराधिक कानून का लाइव डेमो

चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए आपराधिक कानूनों – भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम – के तहत एक लाइव क्राइम सीन जांच का प्रदर्शन देखा। इस कार्यक्रम ने न्याय प्रणाली को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य को रेखांकित किया।

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चंडीगढ़ में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसा नजारा देखा जो भारत के आपराधिक न्याय प्रणाली में एक नई क्रांति का आगाज कर सकता है। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों के तहत एक क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन का लाइव डेमो देखा। यह कार्यक्रम भारतीय न्याय प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव को दर्शाने वाला था।

नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1 जुलाई से लागू हो चुके हैं। ये कानून ब्रिटिश काल के कानूनों की जगह लेकर देश के न्यायिक सिस्टम को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
लाइव डेमो में क्या था खास
प्रधानमंत्री ने यह डेमों चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित एक प्रदर्शनी में देखा। इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने एक काल्पनिक हत्या स्थल का डेमो पेश किया, जिसमें अपराध नियंत्रण कक्ष, PCR वैन, पुलिस स्टेशन, फॉरेंसिक साइंस लैब (CFSL), अस्पताल, जेल और अदालत के समन्वित प्रयासों को दिखाया गया। इस प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को भी प्रमुखता से दिखाया गया। प्रधानमंत्री को बताया गया कि कैसे AI जांच और मुकदमों को और अधिक प्रभावी बनाएगा। चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कन्वरदीप कौर ने पीएम मोदी को पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा, "यह भारत के लिए विशेष दिन है, जब हम 75 वर्षों के संविधान के सफर को चिह्नित कर रहे हैं। ये नए कानून हमारे देश को उपनिवेशी मानसिकता से मुक्त करने और हर भारतीय के लिए न्याय सुनिश्चित करने का एक बड़ा प्रयास हैं।इसके अलावा इस कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "चंडीगढ़ ने तीनों नए आपराधिक कानूनों को सफलतापूर्वक लागू करके देश के लिए एक मानक स्थापित किया है।" उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले तीन वर्षों में ये कानून पूरे देश में लागू हो जाएंगे।

शाह ने यह भी बताया कि इन कानूनों को तैयार करने में चार वर्षों तक 43 देशों की उन्नत न्याय प्रणालियों का अध्ययन किया गया और 160 बैठकें की गईं। इन चर्चाओं में सुप्रीम कोर्ट, बार एसोसिएशन, विश्वविद्यालय, आईपीएस अधिकारी और अन्य प्रमुख लोगों ने हिस्सा लिया।
आधुनिक भारत की ओर बड़ा कदम
नए आपराधिक कानूनों का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करना है। ये कानून साइबर अपराध, संगठित अपराध और अन्य आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल को एक ऐसा कदम बताया जो भारत को न्याय के क्षेत्र में दुनिया के सबसे उन्नत देशों में स्थान दिलाएगा।

चंडीगढ़ में नए कानूनों के तहत जो प्रदर्शन किया गया, उसने यह दिखाया कि कैसे भारत की न्याय प्रणाली 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार बदलेगी। अमित शाह ने कहा, "हमारा आपराधिक न्याय तंत्र आने वाले वर्षों में विश्व का सबसे उन्नत सिस्टम बनेगा।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा और चंडीगढ़ में किया गया लाइव डेमो इस बात का प्रतीक है कि भारत अब एक नए और आधुनिक न्यायिक युग में प्रवेश कर चुका है। यह पहल भारत को न केवल न्याय के क्षेत्र में मजबूत बनाएगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर हमारी स्थिति को भी ऊंचा करेगी।
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