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मिशनरियों और इस्लामी कट्टरपंथियों पर कसेगी नकेल… जबरन धर्मांतरण करवाने पर होगी उम्रकैद… CM भजनलाल ने कर ली तैयारी

राजस्थान की बीजेपी सरकार विधानसभा में विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025 पेश करने जा रही है. विधेयक में जबरन धर्मांतरण पर उम्रकैद की सज़ा का प्रावधान है, जबकि ‘घर वापसी’ को इसमें धर्मांतरण की श्रेणी से बाहर रखा गया है.

Bhajanlal Sharma
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राजस्थान की बीजेपी सरकार विधानसभा में विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025 पेश करने जा रही है. विधेयक में जबरन धर्मांतरण पर उम्रकैद की सज़ा का प्रावधान है, जबकि ‘घर वापसी’ को इसमें धर्मांतरण की श्रेणी से बाहर रखा गया है.

कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि यह विधेयक प्रलोभन, बल, कपट या अन्य अनुचित तरीकों से कराए जाने वाले धर्मान्तरण को रोकने के लिए लाया गया है. रविवार (31 अगस्त 2025) को राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने कैबिनेट की बैठक में विधेयक को कुछ संशोधनों के साथ मंजूरी भी दे दी है. अब सरकार सोमवार (01 अगस्त 2025) से शुरू हो रहे राजस्थान विधानसभा सत्र में विधेयक को पेश कर सकती है.
मंत्री ने कहा कि राज्य में अवैध रूप से धर्मान्तरण को रोकने के संबंध में कोई विशिष्ट कानून नहीं थे इसीलिए राजस्थान विधिविरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025 को पिछले सत्र (फरवरी 2025) में विधानसभा में लाया गया था. अब कठोर प्रावधान करते हुए विधेयक का नया प्रारूप विधानसभा के आगामी सत्र (सितंबर 2025) में पेश किया जाएगा.


जबरन धर्म परिवर्तन पर होगी उम्रकैद की सजा

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विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025 के तहत जबरन धर्मांतरण पर उम्रकैद और 50 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है. अवैध धर्मांतरण में 7–14 साल की सज़ा और 5 लाख जुर्माना, जबकि नाबालिग, दिव्यांग, महिला या एससी-एसटी वर्ग को निशाना बनाने पर 10–20 साल की सज़ा और 10 लाख रुपये जुर्माना होगा. सामूहिक धर्मांतरण में 20 साल से उम्रकैद तक की सज़ा और 25 लाख जुर्माना तय किया गया है.
फंडिंग के मामलों में 10–20 साल की सज़ा व 20 लाख जुर्माना और लव जिहाद, जबरन निकाह या नाबालिग लड़कियों से जुड़े अपराधों पर 20 साल से उम्रकैद तक की सज़ा के साथ 30 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है.

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संपत्ति को जब्त या ध्वस्तीकरण तक की कार्रवाई

नए विधेयक में प्रावधान है कि अवैध धर्मांतरण में पकड़ी गई संस्था का रजिस्ट्रेशन रद्द होगा और सरकारी अनुदान बंद कर दिया जाएगा. जिस संपत्ति पर धर्मांतरण कराया गया है, उसकी जब्ती और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी. प्रस्तावित कानून में सबूत का भार आरोपी पर ही रहेगा. फरवरी 2025 में पेश किए गए विधेयक में अधिकतम 10 साल की सज़ा थी, जिसे संशोधित कर अब आजीवन कारावास तक बढ़ा दिया गया है.

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धर्मांतरण के लिए अपनाए जा रहे अलग-अलग हथकंडे

राजस्थान में धर्मांतरण का जाल तेजी से फैल रहा है. झुंझुनू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और भरतपुर जैसे इलाकों में गरीब और कमजोर वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है. प्रार्थना सभाओं में महिलाओं का ब्रेनवॉश कर बिंदी, सिंदूर और मंगलसूत्र हटवाकर उनकी जगह क्रॉस पहनाया जाता है. धर्म परिवर्तन कराने पर पैसों, राशन, कपड़े और यहां तक कि लाखों रुपये का लालच भी दिया जाता है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांसवाड़ा में लोगों को ऑफर दिया गया कि 10 लोगों का धर्म परिवर्तन कराने पर हर महीने वेतन और सामान मिलेगा. बढ़ते मामलों को देखते हुए राजस्थान सरकार आगामी विधानसभा सत्र में सख्त विधेयक लाने की तैयारी कर रही है.

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