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मेरठ: दबाव और परंपराओं के बीच दम तोड़ती शिवांक और सोनाली की मोहब्बत की दास्तां
मेरठ के शिवांक और सोनाली की कहानी सच्चे प्यार की वो दास्तां है, जो सामाजिक दबाव और पारिवारिक परंपराओं के तले दब गई। शिवांक, जो 24 साल का था और एमबीए का छात्र था, पांच साल पहले अपनी दोस्त के जरिए सोनाली से मिला। सोनाली 22 साल की थी और खरखौदा में एक मेडिकल कॉलेज में क्लर्क के रूप में काम करती थी। दोनों ने साथ में अपने भविष्य के सपने देखे, लेकिन उनके परिवारों ने उनके प्यार को नकार दिया।
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मेरठ में एक प्रेम कहानी ने एक दर्दनाक मोड़ लिया जब दो युवा शिवांक और सोनाली अपनी अधूरी मोहब्बत के चलते इस दुनिया को अलविदा कह गए। यह कहानी महज एक प्रेम प्रसंग नहीं है, बल्कि उन सामाजिक दायरों और पारिवारिक बंधनों की भी गवाही देती है, जो कभी-कभी सच्चे प्यार के लिए बाधा बन जाते हैं।
पांच साल पुरानी मोहब्बत
शिवांक (24) और सोनाली (22) पिछले पांच सालों से एक-दूसरे के प्यार में थे। शिवांक मेरठ के अतराड़ा गांव का निवासी था और एमबीए का छात्र होने के साथ एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था। वहीं सोनाली खरखौदा में एक मेडिकल कॉलेज में क्लर्क की नौकरी करती थी। सोनाली का भाई था दीपांशु, और शिवांक उसी का दोस्त था। दोनों की मुलाकात दीपांशु के जरिये हुई थी। और मुलाकात कब दोस्ती से प्यार में बदली, यह पता ही नहीं चला। शिवांक अक्सर सोनाली को उसके मेडिकल कॉलेज छोड़ने और लाने का काम करता था। धीरे-धीरे दोनों ने अपनी जिंदगी के सपने बुनने शुरू कर दिए। परंतु उनकी प्रेम कहानी को परिवारों की मंजूरी नहीं मिली।
पारिवारिक दबाव और जबरन सगाई
जब शिवांक और सोनाली ने अपने-अपने परिवारों को इस रिश्ते के लिए मनाने की कोशिश की, तो उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। शिवांक का रिश्ता उसके परिवार ने गांव सिखेड़ा की एक लड़की से तय कर दिया। सगाई 12 जनवरी को धूमधाम से हुई। दूसरी ओर, सोनाली का रिश्ता भी खरखौदा के एक युवक से तय कर दिया गया और 18 जनवरी को उसकी शादी होनी थी। इन फैसलों ने दोनों के सपनों को तोड़कर रख दिया। उनका प्यार परिवारों की परंपराओं और सामाजिक प्रतिष्ठा के नीचे दब गया।
आखिरी मुलाकात और बड़ा कदम
बताया जा रहा है सि शिवांक अपनी कार लेकर सोनाली के गांव के बाहर का रुख किया। जब सोनाली अपने मेडिकल कॉलेज जाने के लिए घर से निकली, तो वह शिवांक की गाड़ी में बैठ गई। दोनों ने आखिरी बार एक-दूसरे को देखा, बात की और एक साथ रहने की अपनी ख्वाहिशें साझा कीं। सुबह करीब 10 बजे, मेरठ के जागृति विहार एक्सटेंशन 2 में दोनों ने सल्फर खा लिया। उनकी गाड़ी वहीं खड़ी रही, लेकिन कुछ देर बाद दोनों की हालत बिगड़ने लगी। शिवांक ने अपने चाचा को फोन कर सारी घटना बता दी। जब तक मदद पहुंची, तब तक दोनों ने दम तोड़ दिया। यह खबर जब उनके परिवारों तक पहुंची, तो खुशियों से भरे घरों में मातम छा गया। जिन परिवारों में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब गम और पछतावे का माहौल है। शिवांक और सोनाली के इस कदम ने उनके परिवारों को झकझोर कर रख दिया।
मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दोनों के बीच पांच साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों ने अपने-अपने परिवारों की मजबूरियों और दबावों से तंग आकर यह कदम उठाया।
शिवांक और सोनाली की यह कहानी सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि उन सामाजिक व्यवस्थाओं और पारिवारिक परंपराओं पर सवाल खड़े करती है जो प्यार को स्वीकार करने में हिचकिचाती हैं। क्या उनकी मौत से कुछ बदलेगा? क्या परिवार अब प्रेम को समझ पाएंगे? यह सवाल अब भी अधूरा है।
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