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'मौन व्रत, मौन व्रत...', संसद में कांग्रेस की ओर से बोलने वालों की लिस्ट में नाम नहीं होने पर शशि थरूर ने ली चुटकी

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत के ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा पर कांग्रेस की ओर से जारी की गई लिस्ट में शशि थरूर का नाम गायब है. इसपर थरूर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "मौन व्रत, मौन व्रत,"

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संसद में बोलने वालों की सूची में नाम शामिल न होने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी. मीडिया के सवाल पर उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, "मौन व्रत, मौन व्रत" और फिर हंसते हुए सदन के भीतर चले गए. दरअसल, बीते दिनों पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा कराने पर सहमति बनी थी. इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस की ओर से बोलने वाले नेताओं में शशि थरूर का नाम भी शामिल होगा. हालांकि, आज कांग्रेस ने सदन में बोलने वाले छह नेताओं की सूची जारी की, जिसमें थरूर का नाम नहीं था.

हालांकि इस प्रतिक्रिया से पहले सूत्रों ने बताया कि जो सांसद सदन में मुद्दों पर बोलना चाहते हैं. उन्हें CPP ऑफिस को अपना अनुरोध भेजना होगा. और शशि थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर पर बोलने के लिए कांग्रेस संसदीय दल (CPP) कार्यालय में कोई अनुरोध नहीं भेजा है.'

कांग्रेस की लिस्ट में इन नेताओं का नाम
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत के ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा पर कांग्रेस की ओर से गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी वाड्रा, दीपेंद्र हुड्डा, प्रणीति एस शिंदे, सप्तगिरि उलाका, बिजेंद्र एस ओला भाग लेंगे.

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कांग्रेस के अलावा TDP की तरफ से लावु श्रीकृष्ण और हरीश बालयोगी, सपा की तरफ से रमाशंकर राजभर और छोटेलाल, TMC की तरफ से कल्याण बनर्जी, सयोनी घोष और के फ्रांसिस जॉर्ज के.सी, DMK की तरफ से ए राजाल और के कनिमोझी और NCP की ओर से अमर काले और सुप्रिया सुले विपक्ष की तरफ से संसद में सवाल उठाएंगे.

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क्यों गायब है लिस्ट से नाम?
दरअसल ऑपरेशन सिंदूर के बाद विदेश दौरे पर गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के एक समूह का नेतृत्व शशि थरूर कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऑपरेशन सिंदूर का जोरदार समर्थन किया था. 
सूत्रों के अनुसार, अब कांग्रेस नेतृत्व की ओर से उनसे अपेक्षा की जा रही थी कि वह पार्टी लाइन का पालन करते हुए संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाएं. लेकिन थरूर इसके लिए तैयार नहीं थे. 
शशि थरूर ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि वे ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को देखते हुए इस मुद्दे पर सरकार पर हमला करने के पक्ष में नहीं हैं और अपनी स्थिति पर कायम रहेंगे. माना जा रहा है कि कांग्रेस को थरूर की यह स्वतंत्र राय स्वीकार नहीं थी, और शायद यही वजह है कि पार्टी की ओर से जारी वक्ताओं की सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया.

बता दें कि सोमवार से संसद में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चर्चा होनी है, और इसके लिए पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से वक्ताओं की सूची जारी की जा चुकी है. लोकसभा में इस विषय पर चर्चा के लिए 16 घंटे का समय निर्धारित किया गया है. लेकिन कांग्रेस की ओर से जारी वक्ताओं की सूची में पार्टी के तेजतर्रार सांसद और पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर का नाम नहीं होने पर बीजेपी ने सवाल उठाए हैं.

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ये भी जानकारी देते चले कि बता दें कि सरकार और विपक्ष ने 25 जुलाई को पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा और राज्यसभा में 16-16 घंटे की चर्चा के लिए सहमति बनी थी. ये चर्चा 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले पर होगी. विपक्ष ने खुफिया एजेंसियों की विफलता और भारत के अंतरराष्ट्रीय समर्थन पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता के दावों का हवाला दिया है, जिसे सरकार ने नकार दिया.

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