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मनोज तिवारी का नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप, कहा- 'लोकतंत्र के मंदिर का कांग्रेस नेता ने किया अपमान'
दिल्ली बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने भी राहुल गांधी पर ज़ुबानी हमला करता हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने लोकतंत्र के मंदिर की मर्यादाओं को तार-तार किया है।
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संसद के शीतकालीन सत्र हंगामों से भरा हुआ रहा। हर दिन अलग-अलग मुद्दों और विषयों पर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने होते रहे। सत्र का अंतिम दिन शुक्रवार को रहा इस दिन भी हंगामा इतना हुआ की लोकसभा के अध्यक्ष ओम् बिरला को सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। ख़ासतौर से संविधान पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा बीआर अंबेडकर पर दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस समेत तमाम सांसदों ने बीजेपी को घेरते हुए शाह के इस्तीफ़े की मांग की तो वही उसके गुरुवार को तो बात धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। बीजेपी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उनके सांसदों को मकर द्वार पर राहुल गांधी ने ढककर दिए जिसके चले दो सांसद चोटिल भी हुए। वही राहुल गांधी ने इस पर बयान दिया और कहा की हमें सदन के अंदर जाने से रोका जा रहा था। अब अंबेडकर के नाम से शुरू हुई बहस धक्का-मुक्की पर आ चुकी है। इस पूरे मामले में दिल्ली बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने भी राहुल गांधी पर ज़ुबानी हमला करता हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने लोकतंत्र के मंदिर की मर्यादाओं को तार-तार किया है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा संसद में जिस तरह का आचरण किया गया, वह किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी ने संसद के बाहर धक्का देकर किसी सांसद को गिराया और आदिवासी बेटी का अपमान किया, जो कि देश की सभ्यता और संस्कृति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि हम इस घटना को देश के कोने-कोने में फैलाएंगे। कांग्रेस ने हमेशा बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का अपमान किया है। वह बाबा साहेब को जीते जी चुनाव नहीं जीतने देते थे। कांग्रेस ने बाबा साहेब को हरवाया और बाद में उन्हें भारत रत्न देने के रास्ते में भी अड़ंगा लगाते रहे। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भी अंबेडकर के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी।
भाजपा सांसद ने यह आरोप भी लगाया कि नेहरू ने माउंटबेटन को लिखे पत्र में भी अंबेडकर को लेकर नकारात्मक विचार व्यक्त किए थे। कांग्रेस ने अंबेडकर के स्मारक तक को नहीं बनने दिया, जबकि उनका योगदान भारतीय संविधान में अतुलनीय है। राहुल गांधी द्वारा संसद में आदिवासी बेटी को धक्का देने और अन्य अपमानजनक कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। हम इसे देशभर में फैलाएंगे और गली-गली तक पहुंचाएंगे, ताकि लोग जान सकें कि कांग्रेस के असली चेहरे क्या हैं। बता दें कि गुरुवार को भाजपा सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत गुरुवार को संसद भवन में सीढ़ियों से गिरकर चोटिल हो गए थे। सांसदों का आरोप है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया, जिसके बाद वह गिर गए और घायल हो गए। सांसद प्रताप सारंगी ने बताया कि मैं सीढ़ियों पर खड़ा था। तभी राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का दिया और वह मेरे ऊपर गिर गए। जिससे मैं गिर गया और मुझे चोट लग गई।
इस पूरे मामले पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का कहना है कि कैमरे में सब कैद होगा। मैं सदन में जाने की कोशिश कर रहा था। इस बीच, भाजपा के सांसदों ने मुझे धकेला और धमकाया। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भी धक्का लगा। हमें धक्का-मुक्की से कुछ नहीं होता है। हम संसद के अंदर जा रहे थे। भाजपा के सांसद हमें संसद जाने से रोक नहीं सकते हैं।
ग़ौरतलब है इस धक्का -मुक्की विवाद की जड़ गृहमंत्री अमित शाह का वो बयान है जिसके चलते यह घटनाक्रम हुआ। गृहमंत्री ने सदन में अपनी बातों के दौरान कहा था कि "'अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर कहना एक फैशन बन गया है। अगर उन्होंने इतनी बार भगवान का नाम लिया होता तो उन्हें स्वर्ग में जगह मिल गई होती।'' शाह के इस बयान के बाद से विपक्षी दलों के नेता बीजेपी पर लगातार हमलावर हैं।
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