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मन्नत, मोहब्बत और महादेव- बुर्के में कांवड़ लेकर निकली तमन्ना मलिक, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान!

संभल की तमन्ना मलिक ने अपने प्रेम को पाने के लिए भगवान शिव से मन्नत मांगी थी, जो पूरी होने के बाद वे बुर्का पहने हरिद्वार से पैदल कांवड़ लेकर निकल गईं.

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यूपी के संभल जिले के एक छोटे से गांव बदनपुर बसई की गलियों में आज सिर्फ एक ही नाम चर्चा का विषय बना हुआ है- तमन्ना मलिक. शिवरात्रि के इस पावन पर्व पर जब केसरिया रंग के जनसैलाब में एक बुर्का पहने महिला, कंधे पर कांवड़ ले जाते दिखी, तो सभी लोगों के कदम ठिठक गए. उन्हें अपनी नजरों पर यकीन नहीं था और सभी के मन में एक ही सवाल था, ‘एक मुस्लिम युवती और महादेव की कांवड़, आखिर ये कैसे?’ 

कौन हैं तमन्ना मलिक?

तमन्ना मलिक उत्तर प्रदेश के संभल जिले की रहने वाली एक मुस्लिम महिला हैं, जो हाल ही में अपनी अनोखी शिव भक्ति और कांवड़ यात्रा की वजह से चर्चा में बनी हुईं है. दरअसल, महाशिवरात्रि के अवसर पर तमन्ना बुर्का पहनकर हरिद्वार से कांवड़ लेकर पैदल यात्रा की. जिसके बाद सोशल मीडिया पर ये वायरल हो गईं. 

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तीन साल पहले की वो एक मन्नत

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कहते हैं न, कि प्रेम- किसी भी धर्म, जाति, सम्प्रदाय से परे होता है. तमन्ना मलिक की भी कुछ ऐसी ही कहानी है. कहानी शुरू होती है तीन साल पहले, जब तमन्ना ने अपने प्यार, अमन त्यागी के साथ जीवन बिताने का सपना देखा था. समाज और धर्म की बंदिशों के बीच यह राह इतना आसान नहीं था. तब तमन्ना ने महादेव से एक मन्नत मांगी कि उनकी शादी अमन त्यागी से हो जाए. 

जब पूरी हुई मुराद

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तमन्ना की ये मन्नत पूरी भी हो गई. फिर क्या था तमन्ना कंधे पर कांवड़ लेकर भोलेनाथ को जल चढ़ाने हरिद्वार से संभल के क्षेमनाथ तीर्थ के लिए पैदल ही निकल पड़ीं. आज जब तमन्ना के तन पर बुर्का और कंधे पर भगवान शिव की कांवड़ लोगों ने देखी तो सभी हैरान थे. वहीं, तमन्ना ने मुराद पूरी होने के बाद, अपने संकल्प को पूरा करने के लिए हरिद्वार की ठंडी लहरों से गंगाजल भरकर संभल की ओर पैदल ही निकल पड़ी. तमन्ना कांवड़ में न सिर्फ गंगाजल लाईं, बल्कि उसमें गंगा-जमुनी तहजीब को भी अपने कंधे पर ढोया और उसकी मिसाल पेश की.

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