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ममदानी ने उमर खालिद को लिखा पत्र, BJP भड़की, राहुल गांधी की तस्वीर पोस्ट कर बोली, “एंटी-इंडिया गैंग फिर एक्टिव!”

दिल्ली दंगे के आरोप में जेल में बंद जेएनयू के पूर्व छात्र और एक्टिविस्ट उमर ख़ालिद के नाम जोहरान ममदानी ने लिखा लेटर. बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी को घेरा.

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फरवरी 2020 से दिल्ली दंगों के आरोप में क़रीब पाँच साल से जेल में बंद छात्र एक्टिविस्ट उमर ख़ालिद एक बार फिर से चर्चा में हैं, क्योंकि न्यूयॉर्क शहर के नए नवेले मेयर जोहरान ममदानी ने उमर ख़ालिद के लिए एक पत्र लिखा है. ममदानी ने उमर ख़ालिद को चिट्ठी लिखकर कहा है, ‘प्रिय उमर, मैं अक्सर कड़वाहट पर तुम्हारी बातों के बारे में सोचता हूं, और इस बारे में कि इसे ख़ुद पर हावी न होने देना कितना जरूरी है. तुम्हारे माता-पिता से मिलकर बहुत अच्छा लगा. हम सब तुम्हारे बारे में सोच रहे हैं’. 

ममदानी की ख़ालिद के पिता से हुई थी मुलाक़ात

जानकारी के मुताबिक़, ख़ालिद का परिवार पिछले साल दिसंबर में ख़ालिद की बहन से मिलने के लिए अमेरिका गया था, तब उनकी मुलाक़ात ममदानी से हुई थी. ख़ालिद के पिता सैयद क़ासिम रसूल इलियास ने बताया कि उन्होंने ममदानी से उनकी नियुक्ति पर बधाई देने के लिए समय मांगा था. इसी दौरान उन्होंने उमर ख़ालिद के जेल के बारे में भी ममदानी को बताया था. 

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ममदानी के पत्र पर भड़की बीजेपी, राहुल को घेरा

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जोहरान ममदानी के साथ अमेरिकी सांसदों द्वारा उमर ख़ालिद की रिहाई के लिए लिखे पत्र पर बीजेपी ने राहुल गांधी को घेरा है. भाजपा के प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी की शाकोव्स्की और इल्हान उमर के साथ एक तस्वीर अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा, "जब भी विदेश में भारत विरोधी कहानी फैलाई जाती है, बैकग्राउंड में एक नाम बार-बार आता है: राहुल गांधी। जो लोग भारत को कमजोर करना चाहते हैं, उसकी चुनी हुई सरकार को बदनाम करना चाहते हैं और उसके आतंकवाद विरोधी कानूनों को कमजोर करना चाहते हैं, वे अनिवार्य रूप से उनके आसपास इकट्ठा हो जाते हैं।" 

सितंबर 2020 में उमर ख़ालिद हुआ था गिरफ़्तार 

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जवाहर लाल यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और एक्टिविस्ट उमर ख़ालिद को दिल्ली दंगे के बाद सितंबर 2020 में गिरफ़्तार किया गया था. उन्हें दिल्ली में दंगे भड़काने की साज़िश के आरोप में यूएपीए के तहत आरोपी बनाया गया था. हालांकि इन आरोपों से उन्होंने लगातार इनकार किया है. ख़ालिद को दिसंबर में अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए अस्थायी ज़मानत दी गई थी.

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