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Makar Sankranti 2026: अयोध्या और हरिद्वार में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, PM मोदी ने मकर संक्रांति पर दी देशवासियों को शुभकामनाएं
Makar Sankranti: इस दिन लोग सुबह-सुबह पूजा-पाठ और प्रार्थना करते हैं. दान-पुण्य कर अपने परिवार की भलाई और खुशहाली की कामना करते हैं. मकर संक्रांति का यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है. देशभर में लोग इसे खुशी, उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करते हैं.
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Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति का त्योहार पूरे देश में खुशी, आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है. सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करता है, तो इसे पुण्य, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश माना जाता है. इस मौके पर लोग नदियों में पवित्र स्नान करते हैं और देवी-देवताओं की पूजा-पाठ के साथ दान-पुण्य करते हैं.
प्रयागराज: संगम में उमड़े श्रद्धालु
प्रयागराज में माघ मेले के बीच संगम घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह-सुबह से उमड़ पड़ी. लोग उम्र और क्षेत्र की परवाह किए बिना पवित्र डुबकी लगा रहे थे. घाट पर व्यवस्थाओं को देखकर एक श्रद्धालु ने कहा, “हम अयोध्या से आए हैं. इंतजाम बहुत अच्छे हैं, सड़क और घाट की सुविधाएं शानदार हैं. प्रशासन ने सब कुछ बहुत कुशलता से मैनेज किया है.”
एक महिला ने बताया कि वह पिछले 10-12 सालों से प्रयागराज आती हैं और हर बार यहां महीने भर रुकती हैं. उन्होंने कहा, “यह जगह इतनी पवित्र और महान है कि इसे शब्दों में बताना मुश्किल है.” अन्य श्रद्धालुओं ने भी खुशी और उत्साह व्यक्त किया और बताया कि मकर संक्रांति के दिन चारों तरफ बस आनंद और उल्लास देखने को मिलता है.
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अयोध्या: सरयू घाटों पर भव्य दृश्य
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अयोध्या में भी सरयू नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ी. कड़ाके की ठंड के बावजूद लोग सुबह 4 बजे से पवित्र स्नान कर रहे थे. स्नान के बाद लोग हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन करने पहुंचे. पहली बार अयोध्या आए एक श्रद्धालु ने बताया कि वे पहले किसी अन्य तीर्थ यात्रा के लिए गए थे, लेकिन इस बार उन्होंने अयोध्या में स्नान और दर्शन करने का निर्णय लिया.
ऋषिकेश और हरिद्वार: गंगा में आस्था की डुबकी
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उत्तराखंड के ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया और पूजा-पाठ, प्रार्थना व दान-पुण्य किया. राजस्थान के दीपक ने बताया कि वह पिछले आठ सालों से गंगा में स्नान और दान-पुण्य करने आते हैं. श्रद्धालु अलग-अलग राज्यों और विदेशों से भी गंगा में पवित्र डुबकी और दर्शन के लिए आते हैं.
हरिद्वार के हर की पौड़ी पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. एक श्रद्धालु ने कहा कि पहले उन्हें छिपकर कांवड़ लाना पड़ता था, लेकिन आज स्वतंत्र और सुरक्षित तरीके से यात्रा कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि यह स्नान पूरे साल में सिर्फ एक बार आता है और इसे बहुत पवित्र और पुण्यदायक माना जाता है.
मकर संक्रांति का संदेश
इस दिन लोग सुबह-सुबह पूजा-पाठ और प्रार्थना करते हैं. दान-पुण्य कर अपने परिवार की भलाई और खुशहाली की कामना करते हैं. मकर संक्रांति का यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है. देशभर में लोग इसे खुशी, उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करते हैं.
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PM मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दीं शुभकामनाएं
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं. साथ ही उन्होंने सभी को माघ बिहू और उत्तरायण की शुभकामनाएं भी दीं. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके सभी को त्योहार की शुभकामनाएं दी. साथ ही इस अवसर पर तिल और गुड़ को भारतीय संस्कृति का हिस्सा बताया और सूर्यदेव से सभी का कल्याण करने की प्रार्थना की. उन्होंने लिखा, "सभी देशवासियों को मकर संक्रांति की असीम शुभकामनाएं. तिल और गुड़ की मिठास से भरा भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का यह दिव्य अवसर हर किसी के जीवन में प्रसन्नता, संपन्नता और सफलता लेकर आए. सूर्यदेव सबका कल्याण करें."
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पीएम मोदी ने आगे लिखा, "उत्तरायण के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं! मकर संक्रांति का यह पवित्र त्योहार आपके जीवन को खुशियों से भर दे, और सभी को अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली का आशीर्वाद मिले." उन्होंने सभी देशवासियों को उत्तरायण की भी शुभकामनाएं दी. सभी के अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की....