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नए साल में यूपी की नौकरशाही में बड़ा फेरबदल... CM योगी ने 21 IAS अधिकारियों को प्रमोशन के साथ दी नई जिम्मेदारियां

नए साल के पहले दिन उत्तर प्रदेश सरकार ने 21 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को प्रमोशन के साथ नई तैनाती दी है. इस प्रशासनिक फेरबदल का मकसद शासन व्यवस्था को और चुस्त बनाना है.

Yogi Adityanath
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नए साल की शुरुआत उत्तर प्रदेश की नौकरशाही के लिए बड़ी सौगात और बड़े बदलाव के संकेत लेकर आई है. राज्य सरकार ने वर्ष के पहले ही दिन 21 वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों को पदोन्नति देते हुए नई तैनाती सौंपी है. इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल से साफ है कि सरकार शासन व्यवस्था को और अधिक मजबूत और चुस्त बनाना चाहती है. जारी की गई तबादला और पदोन्नति सूची में कई अधिकारियों को विशेष सचिव से सचिव स्तर पर प्रमोट किया गया है, जबकि कई अहम विभागों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है.

कामकाज को बेहतर करने के लिए सरकार ने उठाया कदम

सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह फेरबदल केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे प्रशासनिक कामकाज को तेज करने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और जनहित से जुड़े निर्णयों को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने का उद्देश्य है. निर्वाचन, वित्त, राजस्व, नगर विकास, चिकित्सा शिक्षा, महिला कल्याण और समाज कल्याण जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विभागों में नई तैनातियां इस बात की पुष्टि करती हैं कि सरकार इन क्षेत्रों पर विशेष फोकस कर रही है.

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किन अधिकारियों को मिला प्रमोशन 

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इस सूची में अखंड प्रताप सिंह को विशेष सचिव निर्वाचन विभाग से प्रमोशन देकर सचिव निर्वाचन विभाग उत्तर प्रदेश शासन और अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है. वहीं नेहा शर्मा को प्रभारी महानिरीक्षक निबंधन से स्थायी रूप से महानिरीक्षक निबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. मोनिका रानी को स्कूल शिक्षा जैसे बड़े विभाग की कमान सौंपी गई है, जहां उन्हें प्रभारी महानिदेशक से महानिदेशक स्कूल शिक्षा बनाया गया है.

योगेश कुमार को सहकारिता विभाग में अहम जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें प्रभारी आयुक्त एवं निबंधक सहकारी समितियां से प्रमोट कर आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता बनाया गया है. चिकित्सा शिक्षा और राजस्व जैसे अहम विभागों में भी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. अपर्णा यू० को सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा से हटाकर प्रमुख सचिव राजस्व विभाग बनाया गया है. वहीं डा० सारिका मोहन को वित्त विभाग से सचिव चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा का दायित्व सौंपा गया है. राजस्व परिषद और सामान्य प्रशासन विभाग में भी बदलाव किए गए हैं. एस०वी०एस० रंगा राव को सदस्य न्यायिक राजस्व परिषद से प्रमोट कर प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश पुनर्गठन समन्वय, राष्ट्रीय एकीकरण एवं सामान्य प्रशासन विभाग बनाया गया है. इसके साथ ही नवीन कुमार जी०एस० को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग से हटाकर सदस्य न्यायिक राजस्व परिषद नियुक्त किया गया है.

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वित्त और राजस्व विभाग में भी नई तैनाती 

वित्त और राजस्व विभाग में भी कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिली है. भवानी सिंह खंगारौत को विशेष सचिव राजस्व से सचिव वित्त विभाग बनाया गया है. अरूण प्रकाश को नगर विकास से राजस्व विभाग में विशेष सचिव के रूप में भेजा गया है. रवीन्द्र कुमार को कृषि विभाग से सचिव नगर विकास विभाग और राज्य मिशन निदेशक बनाया गया है. लोक निर्माण, सिंचाई और जल संसाधन जैसे बुनियादी ढांचे से जुड़े विभागों में भी बदलाव हुए हैं. दिव्य प्रकाश गिरि को नमामि गंगे विभाग से सचिव लोक निर्माण विभाग बनाया गया है. कृष्ण कुमार को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में सचिव के साथ-साथ प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है.

महिला कल्याण और समाज कल्याण विभाग में हुआ फेरबदल

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महिला कल्याण और समाज कल्याण विभाग में भी बड़ा फेरबदल हुआ है. सुधा वर्मा को महिला कल्याण से सचिव राजस्व बनाया गया है. रेणु तिवारी को अनुसूचित जाति जनजाति आयोग से महिला कल्याण विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है. राजेन्द्र सिंह-2 को समाज कल्याण विभाग के साथ अनुसूचित जाति जनजाति आयोग का अतिरिक्त प्रभार मिला है. संजीव सिंह को वित्त विभाग से डायरेक्टर समाज कल्याण और एमडी यूपी सिडको बनाया गया है. इसके अलावा डा० वंदना वर्मा, उमेश प्रताप सिंह, कुमार प्रशान्त और संदीप कौर को भी महिला कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, गृह और वित्त जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी दी गई है. कुल मिलाकर यह फेरबदल साफ संकेत देता है कि सरकार नए साल में प्रशासनिक मशीनरी को नई ऊर्जा और नई दिशा देने के मूड में है. आने वाले समय में इन बदलावों का असर शासनी और जनसेवा दोनों स्तरों पर देखने को मिल सकता है.

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बताते चलें कि उत्तर प्रदेश की नौकरशाही में हुआ यह बड़ा फेरबदल सरकार की स्पष्ट मंशा को बताता है. नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों से बेहतर समन्वय, तेज फैसले और प्रभावी प्रशासन की उम्मीद की जा रही है. आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इन बदलावों का असर प्रदेश की शासन व्यवस्था और आम जनता को मिलने वाली सेवाओं पर किस तरह नजर आता है.

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