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बंगाल चुनाव से पहले पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल, दीदी के गढ़ में पुलिस महकमे में मची खलबली!
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले सूबे के पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल देखा जा रहा है. वहीं, इस कदम को राजनीति से प्रेरित भी बताया जा रहा है.
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पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़े स्तर पर फेरबदल किया है. इस संबंध में राज्य प्रशासन ने विस्तृत अधिसूचना जारी की. अधिसूचना के मुताबिक, राजीव मिश्रा को दक्षिण बंगाल का नया अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) और पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) नियुक्त किया गया है. वहीं एल. एम. मीणा को अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) का एडीजी और आईजीपी बनाया गया है.
अलग-अलग डिपार्टमेंट में किया गया तबादला
आईपीएस अधिकारी मुकेश को खुफिया शाखा (इंटेलिजेंस ब्रांच) का नया पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है. इसके अलावा सैयद वकार राजा को मुर्शिदाबाद रेंज का पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) बनाया गया है. अमरनाथ के को जलपाईगुड़ी जिले का नया पुलिस अधीक्षक (एसपी) नियुक्त किया गया है. वह इससे पहले कृष्णानगर में एसपी के पद पर तैनात थे. उनकी जगह अब वाई. रघुवंशी को कृष्णानगर का एसपी बनाया गया है.
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15 फरवरी तक इन तबादलों की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश
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आयोग के निर्देश में जिला प्रशासन के अधिकारियों—जैसे बीडीओ, एसडीओ, डीएम और एडीएम—के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों, जैसे- एसपी, अतिरिक्त एसपी, आईजी और डीआईजी—के तबादले की भी बात कही गई थी. मुख्य सचिव को 15 फरवरी तक इन तबादलों की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया था.
मुख्यालय में तैनात अधिकारियों पर नहीं लागू होगा यह नियम
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इससे पहले भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि जिन अधिकारियों की एक ही पद पर तीन साल से अधिक समय से तैनाती है, उनका तबादला किया जाए. हालांकि आयोग के सूत्रों के अनुसार, मुख्यालय में तैनात अधिकारियों पर यह नियम लागू नहीं होता.
‘फेरबदल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है’
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दिशानिर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया था कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जिन अधिकारियों ने जिला मजिस्ट्रेट, रिटर्निंग ऑफिसर या पुलिस निरीक्षक के रूप में कार्य किया था, उन्हें उसी जिले में दोबारा तैनात न किया जाए. हालांकि राज्य सरकार के सूत्रों का कहना है कि यह फेरबदल एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है.