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यूपी के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव, 157 विद्यालय बनेंगे आधुनिक और पर्यावरण मित्र पीएम श्री स्कूल
यूपी में 157 स्कूलों का पीएम श्री योजना से जुड़ना शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है. इससे न केवल सरकारी स्कूलों की छवि बदलेगी, बल्कि गाँव और छोटे कस्बों के बच्चों को भी वही सुविधाएँ मिलेंगी जो बड़े शहरों के निजी स्कूलों में होती हैं.
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उत्तर प्रदेश में शिक्षा को बेहतर और आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. प्रदेश के अब कुल 157 राजकीय माध्यमिक विद्यालय (सरकारी इंटर कॉलेज) प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री योजना) के तहत शामिल किए जा चुके हैं. इस योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को ऐसी जगह बनाना है जहाँ बच्चे न केवल पढ़ाई करें बल्कि नई तकनीक, पर्यावरण और प्रयोग के साथ सीखें.
12 नए स्कूलों को मिली पीएम श्री योजना में जगह
वर्ष 2025-26 में सरकार ने 12 नए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को पीएम श्री योजना में शामिल किया है। ये स्कूल अमेठी, आजमगढ़, बाराबंकी, बहराइच, बिजनौर, फर्रुखाबाद, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिलों के एक-एक विद्यालय हैं, जबकि मेरठ और सोनभद्र जिलों से दो-दो विद्यालय चुने गए हैं. इससे पहले राज्य के 145 विद्यालय पहले ही इस योजना से जुड़ चुके थे. अब कुल मिलाकर 157 स्कूलों को पीएम श्री स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसका मतलब है कि धीरे-धीरे हर जिले में कुछ चुने हुए सरकारी स्कूल शिक्षा के नए और आधुनिक मॉडल बनेंगे.
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ग्रीन स्कूल की ओर कदम, पर्यावरण से जुड़ी सुविधाएँ
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सरकार का लक्ष्य है कि ये सभी स्कूल ग्रीन स्कूल यानी पर्यावरण के अनुकूल स्कूल बनें। इसके लिए स्कूलों में सौर ऊर्जा (Solar Energy) से बिजली बनाई जाएगी ताकि बिजली खर्च कम हो और पर्यावरण को नुकसान न पहुँचे. इसके अलावा, रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) की व्यवस्था की जाएगी ताकि पानी का संरक्षण हो सके. स्कूलों में ठोस और द्रव अपशिष्ट प्रबंधन (waste management), जैविक खेती, और प्लास्टिक मुक्त परिसर जैसी सुविधाएँ भी विकसित की जाएँगी। इस तरह बच्चे शुरू से ही पर्यावरण की देखभाल करना सीखेंगे.
आधुनिक शिक्षा के लिए स्मार्ट सुविधाएँ
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इन पीएम श्री स्कूलों में पढ़ाई को पूरी तरह आधुनिक और डिजिटल बनाया जाएगा. हर स्कूल में कंप्यूटर लैब, विज्ञान और गणित की प्रयोगशालाएँ, डिजिटल लाइब्रेरी, और स्मार्ट क्लासरूम बनाए जाएँगे. साथ ही बच्चों के लिए आरामदायक फर्नीचर और बेहतर क्लासरूम माहौल तैयार किया जाएगा. पढ़ाई के तरीकों में भी बदलाव होगा अब शिक्षण को खेल, प्रयोग, चर्चा और खोज आधारित बनाया जाएगा, ताकि बच्चे केवल रटने की बजाय सोचकर और समझकर सीखें. इससे उनमें जिज्ञासा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ेगा.
सरकार ने भेजा 15 करोड़ का प्रस्ताव
प्रदेश सरकार ने इन 12 नए चयनित स्कूलों को विकसित करने के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है. इस राशि से स्कूलों में नई सुविधाएँ विकसित की जाएँगी और शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि वे बच्चों को नई तकनीक और तरीकों से पढ़ा सकें.
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पीएम श्री योजना का उद्देश्य
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प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (PM SHRI) योजना की शुरुआत 5 सितंबर 2022 को हुई थी. इसका उद्देश्य है कि देश के सरकारी स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुसार आदर्श, आधुनिक और नवाचार से भरे शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित किया जाए. इस योजना के तहत चुने गए स्कूल बाकी सभी सरकारी स्कूलों के लिए “मॉडल स्कूल” बनेंगे, ताकि दूसरे स्कूल भी इन्हीं की तरह सुविधाएँ और शिक्षण पद्धतियाँ अपनाएँ.
यूपी में 157 स्कूलों का पीएम श्री योजना से जुड़ना शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है. इससे न केवल सरकारी स्कूलों की छवि बदलेगी, बल्कि गाँव और छोटे कस्बों के बच्चों को भी वही सुविधाएँ मिलेंगी जो बड़े शहरों के निजी स्कूलों में होती हैं.