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Maharashtra Nikay Chunav 2025: निकाय चुनाव से पहले फिर शुरू होगी 'शिव भोजन थाली', महाराष्ट्र सरकार ने जारी किए 28 करोड़ रुपये

Nikay Chunav 2025: राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि सरकार ने यह योजना चुनाव से ठीक पहले इसलिए शुरू की है ताकि गरीब और मजदूर वर्ग के वोटरों को अपने पक्ष में किया जा सके. भले ही वजह कुछ भी हो, लेकिन इससे गरीब जनता को दोबारा राहत मिलेगी और उन्हें फिर से सस्ते दाम में भरपेट भोजन मिल सकेगा.

Image Source: Social Media
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Maharashtra Nikay Chunav 2025: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव नज़दीक आते ही राज्य सरकार ने जनता को खुश करने की तैयारी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में सरकार ने गरीबों के लिए “शिव भोजन थाली” योजना को दोबारा शुरू करने का फैसला किया है. इस योजना के लिए सरकार ने 28 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है, ताकि ज़रूरतमंद लोग फिर से सस्ते और स्वादिष्ट खाने का लाभ ले सकें.

क्या है “शिव भोजन थाली” योजना?

यह योजना महा विकास अघाड़ी सरकार के समय शुरू की गई थी. इसका मकसद था कि गरीब, मज़दूर, रिक्शा चालक, दिहाड़ी मज़दूर और प्रवासी कामगार जैसे लोगों को सिर्फ 10 रुपये में भरपेट खाना मिल सके. इस थाली में आमतौर पर दो रोटियां, एक सब्जी, एक भाजी और चावल शामिल होते हैं. यह योजना बहुत लोकप्रिय हुई थी क्योंकि इससे कई गरीबों को सस्ता और पौष्टिक खाना मिल जाता था.

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क्यों बंद हुई थी यह योजना?

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  • कुछ महीनों पहले सरकार के पास पैसों की कमी हो गई थी, जिससे कई जिलों में शिव भोजन केंद्रों को भुगतान नहीं हो पाया.
  • इस वजह से कई केंद्र बंद हो गए और योजना ठप पड़ गई. गरीब वर्ग के लोगों को इससे काफी दिक्कतें आईं, क्योंकि यह उनके लिए बड़ी मदद थी.

अब फिर से शुरू होगी योजना

  • अब सरकार ने तय किया है कि इस योजना को फिर से शुरू किया जाए ताकि कोई भी गरीब भूखा न रहे.
  • खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस बारे में नया सरकारी निर्णय (GR) जारी किया है.
  • वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए इस योजना के लिए कुल 70 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिनमें से 28 करोड़ रुपये तुरंत खर्च के लिए मंज़ूर किए गए हैं.

पैसे खर्च करने पर सख्त नियम

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  • सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि यह रकम सिर्फ शिव भोजन योजना पर ही खर्च की जाएगी.
  • इसके अलावा, जारी की गई धनराशि को 10 दिनों के भीतर खर्च करना अनिवार्य होगा.
  • अगर ऐसा नहीं किया गया, तो पैसे वापस ले लिए जाएंगे.
  • धनराशि का वितरण जिला आपूर्ति अधिकारी, राशन वितरण अधिकारी और उप नियंत्रक के ज़रिए किया जाएगा.साथ ही, भुगतान अब ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से किया जाएगा और सारी जानकारी ‘शिव भोजन ऐप’ पर दर्ज करनी होगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे.

चुनावों से पहले सरकार का कदम

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राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि सरकार ने यह योजना चुनाव से ठीक पहले इसलिए शुरू की है ताकि गरीब और मजदूर वर्ग के वोटरों को अपने पक्ष में किया जा सके. भले ही वजह कुछ भी हो, लेकिन इससे गरीब जनता को दोबारा राहत मिलेगी और उन्हें फिर से सस्ते दाम में भरपेट भोजन मिल सकेगा.

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