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भाई संग जोड़ी बनाकर भी नहीं बचा सके लाज… 22 शहरों में खाता भी नहीं खोल पाई राज ठाकरे की पार्टी

खुद को मराठी मानुष के तौर पर प्रोजेक्ट करने वाले राज ठाकरे की पार्टी पतन की ओर बढ़ रही है. महा नगरपालिका चुनाव में BJP ने झंडा बुलंद किया है वहीं, MNS दहाई अंक भी पार नहीं कर पाई.

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25 साल बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में भगवा लहराया है. शहर की सरकार के लिए जनता ने CM फडणवीस के नेतृत्व पर भरोसा जताया है. इसके अलावा नगर निगम की 29 सीटों पर भी BJP ने शानदार प्रदर्शन किया है. वहीं, 20 साल बाद साथ आए राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे अपना करिश्मा दिखाने में पूरी तरह नाकाम रहे. 

हिंदी का विरोध, हिंदी भाषियों का विरोध, उत्तर-भारतीयों का विरोध करने वाले राज ठाकरे की घिसी-पिटी राजनीति को जनता ने सिरे से नकार दिया है. अवसर के इस गठबंधन पर जनता का झुकाव न के बराबर रहा. ठाकरे ब्रदर्स को BMC के साथ-साथ नगर निगम चुनावों में भी बेहद खराब प्रदर्शन किया. राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना इन चुनावों में दहाई अंक भी पार नहीं कर पाई. जबकि उन्होंने उद्धव ठाकरे के गुट शिवसेना UBT के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. दोनों भाइयों की ये जोड़ी 20 साल बाद बनी. राज ठाकरे की MNS न तो मुंबई और न ही मुंबई के बाहर प्रदर्शन कर पाई. 

नगर-निगम चुनाव में राज ठाकरे की पार्टी का प्रदर्शन 

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महाराष्ट्र में BMC समेत 29 नगर महापालिका क्षेत्र में कुल 2869 सीटों पर चुनाव हुए थे. अभी तक के रुझानों के मुताबिक BJP को 1064 वार्डों में बढ़त मिली है. जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना 282 वार्ड में आगे चल रही है. उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (UBT) महज 109 वार्ड में बढ़त बनाए हुए है. अजित पवार की पार्टी NCP 113 सीट पर आगे है तो शरद पवार की NCP 24 सीट पर आगे चल रही है. 

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बात करें कांग्रेस की तो महाराष्ट्र  नगर निगम चुनाव में कांग्रेस 222 सीटों पर आगे चल रही है. जबकि नगर निगम में राज ठाकरे की MNS महज 12 सीटों पर आगे है. जबकि मुंबई की 277 सीटों में से सिर्फ 5 सीटों पर MNS को बढ़त मिली. राज ठाकरे को भाई उद्धव ठाकरे की शिवसेना भी जीवनदान नहीं दे पाई. 

22 शहरों में शून्य पर सिमटी MNS 

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पुणे की 165 सीटों में से एक पर भी राज ठाकरे की पार्टी MNS खाता नहीं खोल पाई. इसके अलावा मीरा-भायंदर, वसई-विरार, भिवंडी, पनवेल, नागपुर, पिंपरी-चिंचवड़, संभाजीनगर, कोल्हापुर, सांगली-मिरज, सोलहपुर, मालेगांव, जलगांव, धुले, इचलकरंजी, नांदेड़, परभणी, जलाना, लातूर, अमरावती, अकोला और चंद्रपुर में राज ठाकरे की पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली. हालांकि MNS ने सभी 29 शहरों में उम्मीदवार नहीं उतारे थे, लेकिन जिन मुख्य सीटों पर पार्टी को जीत की आस थी. उस पर भी पानी फिर गया. MNS पांच सीटों पर सिमटती दिख रही है. 

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