Advertisement

Loading Ad...

T 20 ट्रॉफी को लेकर विवाद: महंत राजू दास का कीर्ति आजाद पर हमला, बोले-धार्मिक भावनाओं का सम्मान होना चाहिए

महंत राजू दास ने आगे कहा कि कुछ लोग इस घटना का राजनीतिकरण कर रहे हैं और वही लोग चाहते हैं कि देश में एकता न हो. उनके अनुसार, ऐसे लोग हिंदू और मुसलमानों के बीच मतभेद पैदा करना चाहते हैं और देश के नागरिकों के भावनात्मक अधिकारों का अपमान करते हैं.

Loading Ad...

अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद के टी-20 विश्व कप को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है. महंत राजू दास ने कहा कि इस तरह के बयान न सिर्फ हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि देश की एकता के लिए भी खतरा हैं. 

हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कीर्ति आजाद के बयान की निंदा की

उनके अनुसार, जैसा हम खाते हैं, वैसा हमारा मन होता है, जैसा पीते हैं, वैसा हमारा व्यवहार. हमारी भावनाएं इस बात पर निर्भर करती हैं कि हम ईश्वर को कैसे देखते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि टीएमसी शुद्ध रूप से पश्चिम बंगाल को हिंदुस्तान से अलग करना चाहती है और इसके लिए हिंदू और मुसलमानों के बीच मतभेद पैदा करती है.

Loading Ad...

महंत राजू दास ने कहा कि कीर्ति आजाद उसी पार्टी के नेता हैं, जहां के मुख्यमंत्री ने एक दलित गिरिवासी वनवासी राष्ट्रपति का अपमान किया. उनका कहना है कि भारत जैसे देश में राष्ट्रपति को कार्यक्रम में शामिल होने से रोकना सही नहीं है. महंत ने यह भी कहा कि हिंदुस्तानी लोग सनातनी राम भक्त हैं और वे अपनी धार्मिक भावनाओं का सम्मान चाहते हैं.

Loading Ad...

‘टी-20 ट्रॉफी को भगवान को समर्पित करना श्रद्धा का प्रतीक’

उन्होंने कहा कि उन्होंने टी-20 विश्व कप की ट्रॉफी हनुमान जी के चरणों में समर्पित की और इसमें कोई गलत या अनुचित काम नहीं किया गया. उनका यह भी कहना है कि यह केवल भगवान के प्रति श्रद्धा और देशभक्ति का प्रतीक था. इस पर राजनीति करना सही नहीं है.

Loading Ad...

महंत राजू दास ने आगे कहा कि कुछ लोग इस घटना का राजनीतिकरण कर रहे हैं और वही लोग चाहते हैं कि देश में एकता न हो. उनके अनुसार, ऐसे लोग हिंदू और मुसलमानों के बीच मतभेद पैदा करना चाहते हैं और देश के नागरिकों के भावनात्मक अधिकारों का अपमान करते हैं.

यह भी पढ़ें

महंत ने साफ शब्दों में कहा कि यह देश विरोधी मानसिकता है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू और सनातनी भावनाओं का सम्मान होना चाहिए. देशभक्ति और भगवान के प्रति श्रद्धा के बीच कोई विरोध नहीं होना चाहिए.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...