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माघ मेला 2025: कानपुर परिक्षेत्र से चलेंगी 270 स्पेशल बसें, 24 घंटे रहेगी सेवा

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, कानपुर परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक महेश कुमार ने बताया कि कानपुर परिक्षेत्र से माघ मेले के लिए 270 बसों का संचालन यात्रियों की उपलब्धता के अनुसार किया जाएगा.

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महाकुंभ-2025 के सफल आयोजन के बाद योगी सरकार माघ मेले की तैयारी में जुट गई है. श्रद्धालुओं को मेला तक लाने-ले जाने के लिए कानपुर परिक्षेत्र से इस बार 270 माघ मेला स्पेशल बसें चलाई जाएंगी, जो 24 घंटे सेवा में रहेंगी. समय पर बसें मिलें, इसको लेकर भी योगी सरकार ध्यान दे रही है. 

छह स्नान पर्वों पर रहेगा विशेष फोकस

इस बार 6 स्नान पर्वों पर इन बसों के जरिए श्रद्धालु सुगम आवागमन कर सकेंगे. कानपुर रोडवेज ने यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए हैं.

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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, कानपुर परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक महेश कुमार ने बताया कि कानपुर परिक्षेत्र से माघ मेले के लिए 270 बसों का संचालन यात्रियों की उपलब्धता के अनुसार किया जाएगा.

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झकरकटी बस अड्डा बनेगा मुख्य केंद्र

क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बसों का मुख्य केंद्र झकरकटी बस अड्डा होगा. यात्रियों की सुविधा के लिए संचालन को अलग-अलग डिपो में बांटा गया है. इसके तहत, माती डिपो (कानपुर देहात),फतेहपुर, और, उन्नाव डिपो की बसों को भी प्रयागराज रूट पर लगाया गया है.

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महेश कुमार ने जानकारी दी कि केवल लंबी दूरी की बसें ही नहीं, बल्कि 50 विशेष शटल बसें भी चलाई जाएंगी. ये शटल बसें प्रयागराज के बाहरी स्टैंड से श्रद्धालुओं को संगम क्षेत्र के निकटतम स्थानों तक छोड़ने और वापस लाने का काम करेंगी, ताकि बुजुर्गों और बच्चों को पैदल न चलना पड़े.

बसों की फिटनेस और सुरक्षा पर खास ध्यान

परिवहन विभाग के मुताबिक, सभी बसों की कंडीशन अच्छी स्थिति में रहेगी और इन बसों में फॉग लैंप, हेडलाइट, विंडो कैचर, हॉर्न, सीटों की दशा व साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और सभी बसों में रूट के हिसाब से मेला स्टीकर लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो और आसानी से वह अपने क्षेत्र की बसों में बैठ सकें.

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मौनी अमावस्या पर रहेगा सबसे अधिक दबाव

क्षेत्रीय प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि माघ मेले के सबसे बड़े स्नान 'मौनी अमावस्या' के दौरान यात्रियों का दबाव सबसे अधिक रहता है. इसके लिए झकरकटी बस अड्डे पर अतिरिक्त काउंटर और हेल्प डेस्क की व्यवस्था की भी तैयारी है. बसों के फेरे इस प्रकार तय किए गए हैं कि किसी भी यात्री को बस स्टैंड पर 10-15 मिनट से ज्यादा इंतजार न करना पड़े. इसके साथ ही, बसों के सुचारू संचालन के लिए सभी डिपो प्रबंधकों को अलर्ट पर रखा गया है. खराब होने वाली बसों की जगह तुरंत दूसरी बस भेजने के लिए 'रिजर्व बेड़ा' भी तैयार है.

प्रमुख स्नान तिथियां जिन पर रहेगा विशेष फोकस

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-मकर संक्रांति (14 जनवरी)

-मौनी अमावस्या (18 जनवरी) - इस दिन सबसे अधिक बसों के फेरे लगेंगे.

-बसंत पंचमी (23 जनवरी)

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क्षेत्रीय प्रबंधक महेश कुमार ने कहा, "श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देना हमारी प्राथमिकता है. हमारा लक्ष्य है कि कानपुर और आसपास के जिलों से आने वाले किसी भी श्रद्धालु को प्रयागराज जाने के लिए इंतजार न करना पड़े. 270 बसों का बेड़ा तैयार है और अधिकारियों को रूट पर 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं. बसों का संचालन सुचारू रहे, इसके लिए सभी डिपो प्रबंधकों और टेक्निकल स्टाफ को मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है. हमारी टीमें ग्राउंड पर तैनात रहेंगी ताकि यात्रा निर्बाध रहे."

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