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लद्दाख हिंसा के बाद सोनम वांगचुक पर कसा शिंकजा, केंद्र सरकार ने रद्द किया NGO का फंडिंग से जुड़ा लाइसेंस

Leh Ladakh: सरकार ने सोनम वांगचुक पर एक्शन ऐसे समय में लिया है जब लद्दाख में हिंसक प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने BJP ऑफिस और CRPF की गाड़ी में आग लगा दी थी. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों में झड़प भी हुई.

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लद्दाख में हिंसक प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार लगातार एक्शन मोड में में है. पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सवालों के घेरे में हैं. गृह मंत्रालय ने उनकी संस्था स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) लाइसेंस रद्द कर दिया है. 

SECMOL पर आरोप है कि इस संस्था ने अवैध तरीके से विदेशी फंडिंग ली है. दरअसल, गृह मंत्रालय ने 20 अगस्त 2025 को शो कॉज नोटिस जारी किया था और 10 सितंबर को ईमेल के जरिए जवाब मांगा था. सोनम वांगचुक ने 19 सितंबर को इसका जवाब दिया था. हालांकि जांच में कुछ नियमों का उल्लंघन सामने आया. आरोप है कि, फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में वांगचुक ने 3.5 लाख रुपये सीधे FCRA अकाउंट में जमा कर दिए, जो धारा 17 का उल्लंघन है.

सोनम वांगचुक की संस्था पर क्या हैं आरोप? 

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  • गृह मंत्रालय का दावा है कि FCRA के खाते में फंडिंग की गई 
  • तीन लोगों ने 54,600 रुपए गलती से FCRA के खाते में जमा किए 
  • SECMOL ने विदेशी डोनेशन मिलने के बाद उसका हिसाब नहीं दिया 

गृह मंत्रालय ने माना कि संस्था विदेशी फंडिंग का दुरुपयोग कर रही है. संस्था ने विदेशी फंडिग से जुड़े कानून का कई बार उल्लंघन किया. ये ही वजह रही कि सोनम वांगचुक की संस्था का FCRA लाइसेंस रद्द कर दिया गया. 

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सफाई में वांगचुक की संस्था ने क्या कहा था? 

आरोपों के बीच सोनम वांगचुक की संस्था ने सफाई भी पेश की थी. संस्था की ओर से कहा गया कि, ये राशि साल 2015 में खरीदी गई बस की बिक्री से आई थी. हालांकि सरकार ने SECMOL की इस दलील को मानने से इंकार कर दिया. अब लाइसेंस रद्द होने के बाद वांगचुक की संस्था न तो विदेशी फंडिंग ले सकेगी और न ही विदेश से आए पैसे का इस्तेमाल कर पाएगी.

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हिंसक प्रदर्शन के बाद हुई कार्रवाई 

केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक पर एक्शन ऐसे समय में लिया है जब 24 सितंबर को लद्दाख में हिंसक प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने BJP ऑफिस और CRPF की गाड़ी में आग लगा दी थी. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों में झड़प भी हुई. जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई जबकि 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए. 

‘हिंसक प्रदर्शन के लिए वांगचुक जिम्मेदार’

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लद्दाख में तनावपूर्ण हालातों के लिए केंद्र सरकार ने सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जिम्मेदार माना है. गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया कि, वांगचुक ने भड़काऊ बयानों से भीड़ को उकसाया, हिंसा के बीच अपना उपवास तो तोड़ा, लेकिन हालात काबू करने की जगह एम्बुलेंस से अपने गांव चले गए. उन्होंने अरब स्प्रिंग शैली और नेपाल में जेन-जी विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करके लोगों को गुमराह किया. 

लद्दाख में प्रदर्शन की वजह क्या? 

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दरअसल, लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर सोनम वांगचुक भूख हड़ताल कर रहे थे. इस दौरान छात्रों और स्थानीय लोगों ने लेह में उनकी पिछले मांगें पूरी नहीं करने के विरोध में केंद्र के खिलाफ बंद बुलाया था. इसी बंद के बीच हिंसा भड़क गई. अब लाइसेंस रद्द होने के बाद वांगचुक की संस्था न तो विदेशी फंडिंग ले सकेगी और न ही विदेश से आए पैसे का इस्तेमाल कर पाएगी. 

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