Advertisement

Loading Ad...

एक ही फ्रेम में नजर आए पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग सहित 20 देशों के दिग्गज... SCO के मंच को देख ट्रंप की उड़ी नींद, विरोधियों को दिया खास संदेश

चीन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और कई अन्य देशों के नेता एक मंच पर साथ नजर आए. इस बैठक के स्वागत समारोह की आधिकारिक तस्वीर सामने आने के बाद पूरी दुनिया की नजर वायरल तस्वीर पर पड़ी है. कई राजनीतिक विश्लेषक इसके मायने तलाशने में जुट गए हैं.

Loading Ad...

चीन के तियानजिन शहर में चल रही SCO बैठक में एक गजब की तस्वीर देखने को मिली, जब एक ही मंच पर चीन, भारत, रूस और कई अन्य देशों के नेता एक साथ तस्वीरों में नजर आए. सभी नेता एक ही फ्रेम में नजर आ रहे हैं. यह तस्वीर अमेरिका के लिए एक झटका और संदेश भी है. इस तस्वीर के आने के बाद साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे अमेरिका को अलग-थलग करने की कोशिश में यह सभी देश एकजुट हुए हैं. अमेरिका और दुनिया के कई अन्य ताकतवर देश खासतौर से इन सभी देशों के विरोधी गहरे सदमे में होंगे.

एक ही फ्रेम में दिखे दुनिया के 20 देशों के दिग्गज 

चीन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और कई अन्य देशों के नेता एक मंच पर एक साथ नजर आए. इस बैठक के स्वागत समारोह के दौरान की आधिकारिक तस्वीर सामने आने के बाद हर किसी की नज़र वायरल तस्वीर पर पड़ी है. कई राजनीतिक विश्लेषक इसके मायने तलाशने में जुट गए हैं. 

Loading Ad...

कैसे हुई SCO संगठन की स्थापना? 

Loading Ad...

बता दें कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की स्थापना साल 2001 में चीन के शंघाई में रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान उज्बेकिस्तान की ओर से की गई थी. यह सभी देश यूरेशियाई राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संगठन है. साल 2017 में भारत और पाकिस्तान भी इसके पूर्व सदस्य देश बने. इस संगठन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, अलगाववाद, उग्रवाद के खिलाफ सहयोग, आर्थिक विकास, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है. इसका मुख्यालय चीन के बीजिंग शहर में है. वहीं इस संगठन की आधिकारिक भाषाएं रूसी और चीनी हैं. यह संगठन सदस्य देशों के बीच सैन्य सहयोग, संयुक्त अभ्यास और खुफिया जानकारी साझा करने पर जोर देता है.

पीएम मोदी और शी जिनपिंग की हुई मुलाकात 

Loading Ad...

SCO बैठक के पहले दिन रविवार को पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने एक दूसरे से करीब 50 मिनट तक बातचीत की. इसमें सीमा विवाद के निष्पक्ष, उचित और बेहतर रूप से स्वीकार्य समाधान की दिशा में काम करने पर जोर दिया गया. इसके अलावा वैश्विक व्यापार को स्थिर करने की दिशा में काम करने का भी संकल्प लिया. 

चीन-भारत के मतभेद अब विवादों में नहीं बदलेंगे

इस बैठक में पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत के दौरान इस बात पर भी सहमति बनी कि दोनों देश प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि विकास में साझेदार हैं. ऐसे में दोनों ही पक्षों के बीच मतभेद विवादों में नहीं बदलने चाहिए. दोनों नेताओं ने अमेरिका की टैरिफ संबंधी नीति के कारण पैदा हुई आर्थिक उथल-पुथल के बीच वैश्विक व्यापार को स्थिर करने पर भी जोर दिया. 

Loading Ad...

छठी बार चीन के दौरे पर गए पीएम मोदी 

यह भी पढ़ें

पीएम मोदी की बतौर प्रधानमंत्री चीन की यह छठी यात्रा है. उनकी आखिरी चीनी यात्रा साल 2018 में हुई थी. अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने चीन का एक भी बार दौरा नहीं किया. पहले कार्यकाल में भारत और चीन के रिश्ते काफी अच्छे थे, जिसकी वजह से उन्होंने 2015 से लेकर 18 तक कुल 5 यात्रा की थी, लेकिन 2020 में गलवान घाटी झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव उत्पन्न हुआ, ऐसे में करीब 7 साल बाद प्रधानमंत्री मोदी चीन के दौरे पर गए हैं. 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...