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यूपी में ‘मिशन शक्ति 5.0’ के दूसरे चरण का शुभारंभ, महिलाओं और बच्चों के सुरक्षा व अधिकारों के लिए व्यापक जागरूकता अभियान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा.

Image Credits: IANS/ Fil Photo
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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित 'मिशन शक्ति 5.0' के दूसरे चरण के तहत प्रदेशभर में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.

नवरात्र के अवसर पर विशेष कार्यक्रम

नवरात्र के अवसर पर महिला कल्याण विभाग द्वारा इस विशेष अभियान में 21 मार्च को सार्वजनिक स्थलों पर मोबाइल वैन, कैंप और स्टॉल लगाकर महिलाओं एवं बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी. यह कार्यक्रम ग्राम, ब्लॉक और जनपद स्तर तक एक साथ संचालित होगा, जिससे अधिकतम लोगों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित की जा सके. महिला कल्याण विभाग द्वारा 20 अप्रैल तक प्रतिदिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

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अभियान के उद्देश्य और गतिविधियाँ

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महिला कल्याण विभाग की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के तहत जनपद, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. मोबाइल वैन और सूचना स्टॉल के माध्यम से महिलाओं और बच्चों से सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा. इसमें घरेलू हिंसा, सुरक्षा अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में जानकारी दी जाएगी. स्थानीय प्रशासन और विभागीय इकाइयां मिलकर यह सुनिश्चित करेंगी कि अभियान की पहुंच दूरस्थ क्षेत्रों तक भी हो, ताकि कोई भी जरूरतमंद इससे वंचित न रहे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर योजना का प्रचार-प्रसार किया जाएगा.

कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता

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कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा. साथ ही पीड़ित महिलाओं को तत्काल सहायता दिलाने के लिए उपलब्ध सेवाओं की जानकारी भी दी जाएगी, जिससे संकट की स्थिति में वे तुरंत मदद प्राप्त कर सकें. कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधियों, क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा तथा स्थानीय चैनलों, रेडियो कार्यक्रमों, तथा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया जाएगा.

निगरानी और रिपोर्टिंग

अभियान के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा. घरेलू हिंसा अधिनियम, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न निवारण कानून, दहेज निषेध अधिनियम और बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी जाएगी. प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कार्यक्रमों की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो और प्रत्येक प्रकरण का प्रभावी फॉलोअप किया जाए. समस्त जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय द्वारा प्रतिदिन की रिपोर्ट जनपद स्तर पर संकलित कर पूर्व विकसित 'शक्ति वार रूम' के माध्यम से महिला कल्याण निदेशालय को निर्धारित रिपोर्टिंग प्रारूप/स्प्रेडशीट (पूर्व से प्रेषित) पर प्रतिदिन सायं 8 बजे तक अपडेट की जाएगी. यह अभियान प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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