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PM मोदी को कुवैत ने 'ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर' से किया सम्मानित तो गृहमंत्री शाह ने कह दी बड़ी बात!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुवैत दौरे के दूसरे दिन सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर' से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पीएम मोदी को कुवैत के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किए जाने पर बधाई दी।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना दो दिवसीय कुवैत का सफल दौरा कर वापस आ चुके है। कुवैत के इस यात्रा से भारत और कुवैत के रिश्तों में मज़बूती आई है तो वही दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया और द्विपक्षीय सहयोग एवं विकास के एक नए युग की शुरुआत की। इन सबसे अलग कुवैत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो सम्मान किया। उसकी हर तरफ़ प्रशंसा हो रही है तो वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई भी इल रही है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुवैत दौरे के दूसरे दिन सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर' से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पीएम मोदी को कुवैत के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किए जाने पर बधाई दी। 


अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुवैत के सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ मुबारक अल-कबीर' से सम्मानित किए जाने पर बधाई। यह हर उस नागरिक के लिए गर्व का क्षण है, जो विकास, कूटनीति और लोकतंत्र के लिए भारत को वैश्विक रोल मॉडल बनाने में पीएम मोदी के साथ खड़ा रहा। यह पुरस्कार न केवल भारत को ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित करता है, बल्कि मानवता और मित्रता के लिए आगे बढ़ने वाली ताकत के रूप में भी स्थापित करता है।"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुवैत के अमीर शेख मेशल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा से यह सम्मान हासिल किया है। 'ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर' कुवैत का एक नाइटहुड सम्मान है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह सम्मान मित्रता के प्रतीक के तौर पर राष्ट्राध्यक्षों और विदेशी शाही परिवारों के सदस्यों को दिया जाता है। पीएम नरेंद्र मोदी से पहले यह सम्मान बिल क्लिंटन, प्रिंस चार्ल्स और जॉर्ज बुश को दिया जा चुका है। बता दें कि पीएम मोदी की ऐतिहासिक दो दिवसीय यात्रा के दौरान भारत और कुवैत ने संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' तक बढ़ाने पर सहमति जताई और रविवार को रक्षा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को नियमित बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। रक्षा को रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण घटक स्वीकार करते हुए दोनों देशों का कहना है कि समझौता ज्ञापन द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के लिए आवश्यक रूपरेखा प्रदान करेगा। इसमें संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा कर्मियों का प्रशिक्षण, तटीय रक्षा, समुद्री सुरक्षा और रक्षा उपकरणों का संयुक्त विकास तथा उत्पादन शामिल है।
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