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Yogi के भगवा का मजाक उड़ाने वालों को Kumar Vishwas ने दिया मुंहतोड़ जवाब !

UP के CM Yogi Adityanath के भगवा वस्त्र का मजाक उड़ाने वाले मल्लिकार्जुन खड़गे, डिंपल यादव जैसे नेताओं को कवि कुमार विश्वास ने समझाया भगवा का असली मतलब !

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उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाल रहे योगी आदित्यनाथ एक मुख्यमंत्री के साथ साथ गोरक्षनाथ मठ के महंत भी हैं। इसीलिये वो भगवा रंग में नजर आते हैं। लेकिन दुर्भाग्य की बात ये है कि योगी का यही भगवा रंग उनके सियासी विरोधियों की आंखों में चुभता है। इसीलिये कभी सपाई डिंपल यादव योगी के भगवा का मजाक उड़ाती हैं। तो कभी कांग्रेसी मल्लिकार्जुन खड़गे योगी के भगवा का मजाक उड़ाते हैं।ऐसे विरोधियों को अब कवि कुमार विश्वास ने मुंहतोड़ जवाब दिया और डंके की चोट पर बता दिया कि लखनऊ में मेरा साधु बैठा हुआ है।


दरअसल विपक्ष के लिए अब तक सबसे बड़ी चुनौती देश की सत्ता संभाल रहे नरेंद्र मोदी ही थे। लेकिन साल 2017 में पहली बार यूपी की सत्ता संभालने वाले योगी आदित्यनाथ भी धीरे धीरे विपक्ष के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश में सपा बसपा और कांग्रेस जैसी पार्टियों की दुकान बंद होती जा रही है। यही वजह है कि विपक्ष योगी सरकार की नीतियों की आलोचना करने की बजाए। अब उनके भगवा का मजाक उड़ाने लगा है। सपाई नेता डिंपल यादव ने तो योगी के भगवा वस्त्र की तुलना लोहे में लगी जंग से कर दी थी।

यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान जहां डिंपल यादव ने योगी के भगवा का मजाक उड़ाया तो वहीं महाराष्ट्र चुनाव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी योगी के भगवा पर तंज मारते हुए कहा था कि बीजेपी में कई नेता साधु के वेश में रहते हैं और अब वो राजनेता के साथ-साथ मुख्यमंत्री भी बन गए हैं, उनके सिर पर बाल नहीं हैं और वे ‘गेरुआ’ कपड़े पहनते हैं, आप संन्यासी हैं और ‘गेरुआ’ कपड़े पहनते हैं तो राजनीति आपके लिए नहीं है, एक तरफ आप ‘गेरुआ’ कपड़े पहनते हैं और दूसरी तरफ आप कहते हैं ‘बंटोगे तो कटोगे।

चाहे सपाई डिंपल यादव हों या कांग्रेसी मल्लिकार्जुन खड़गे। ऐसे तमाम नेता भगवाधारी योगी की नीतियों की आलोचना करने की बजाए उन पर निजी टिप्पणी करते हुए भगवा पर सवाल उठाने लगे। जिन्हें अब कवि कुमार विश्वास ने महाराष्ट्र के एक कार्यक्रम में भगवा का असली मतलब समझा दिया। जब उन्होंने मंच पर कहा कि।"हम आयोजनों में जाते हैं कविता के कवि सम्मेलनों में तो दूसरे प्रदेशों के कवि हम पर टिप्पणी करते हैं कि आप उत्तर प्रदेश से आए हैं उत्तर प्रदेश में तो भगवा वस्त्र में एक बाबा बैठा रखा है आपने, आप राजा की नीति की आलोचना कर सकते हैं, आप मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री की नीति की आलोचना कर सकते हैं लेकिन आप मेरे मुख्यमंत्री की वेशभूषा की आलोचना नहीं कर सकते क्योंकि विश्व में राम राज्य की अवधारणा भगवान भरत ने जो कपड़ा पहन कर की थी उसी कपड़े को पहन कर मेरा साधु लखनऊ में बैठा है"

कवि कुमार विश्वास खुद एक नेता रह चुके हैं। इसीलिये वो दूसरे नेताओं को भी नसीहत देते हैं कि आपको आलोचना करनी है तो सरकार की नीतियों की आलोचना करिये। उन पर व्यक्तिगत हमला नहीं करना चाहिए। लेकिन डिंपल यादव हों या खड़गे। ऐसे तमाम नेता योगी सरकार की नीतियों की आलोचना करने की बजाए। उनके भगवा कपड़े का मजाक उड़ाने लगे।जिस पर कवि कुमार विश्वास ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब देते हुए समझा दिया कि  विश्व में राम राज्य की अवधारणा भगवान भरत ने जो कपड़ा पहन कर की थी उसी कपड़े को पहन कर मेरा साधु लखनऊ में बैठा है। 
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