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कोलकाता: महिला की 'गलतफहमी' और युवक को जेल में बिताने पड़े 51 दिन, दर्ज कराई थी रेप की शिकायत

कोलकाता की फास्ट ट्रैक अदालत ने एक युवक को बलात्कार के मामले में 51 दिनों में ही बरी कर दिया. महिला ने स्वीकार किया कि गलतफहमी के कारण शिकायत दर्ज कराई गई थी.

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कोलकाता की एक अदालत ने बलात्कार के एक मामले में आरोपी को बरी कर दिया है. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह मामला आपसी सहमति से बने संबंध का था और शिकायतकर्ता महिला के आरोप अदालत में साबित नहीं हुए.

क्या था पूरा मामला?

24 नवंबर 2020 को महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी. उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर साल्ट लेक स्थित एक होटल में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और उसे वादा किया कि वह 23 नवंबर, 2020 को उससे शादी करेगा। लेकिन शादी से इनकार कर वो भाग गया. 

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रेप केस में 51 दिन जेल में रहा युवक

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इसके आधार पर आरोपी को 25 नवंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया और उसने 51 दिन जेल में बिताए. बाद में 14 जनवरी 2021 को उसे जमानत मिली.

महिला ने कोर्ट में क्या कहा?

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मामले की सुनवाई के दौरान महिला ने बयान बदलते हुए कहा कि उसने गलतफहमी में शिकायत दर्ज कराई थी. उसने दावा किया कि शिकायत वास्तव में उसके मित्र ने लिखी थी और उसने बिना पढ़े उस पर हस्ताक्षर कर दिए. अदालत के दस्तावेजों के मुताबिक, महिला को शिकायत की पूरी जानकारी भी नहीं थी. महिला की मां, दादी और पड़ोसी ने भी आरोपी के खिलाफ कोई आरोप पुख्ता नहीं किया.

अदालत का फैसला

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अदालत ने कहा कि आरोपी ने महिला के साथ यौन संबंध बनाए, यह साबित नहीं हो पाया कि यह रेप था. आरोपी को बरी करते हुए, जज ने कहा कि अभियोजन पक्ष के किसी भी अन्य गवाह ने अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं किया. अभियोजन पक्ष IPC की धारा 417/376 के तहत आरोप को साबित करने में बुरी तरह विफल रहा है. आरोपी संदेह का लाभ पाने का हकदार है। मैं उसे दोषी नहीं पाता।म ऐसा करते हैं, तो हमें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

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