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जानिए कौन है नोएल टाटा जिन्हें बनाया गया रतन टाटा के करोड़ो के साम्राज्य का उत्तराधिकारी
अब रतन टाटा के निधन के बाद लगातार इस बात की चर्चा जोड़ों पर थी कि टाटा ट्रस्ट की कमान किसके हाथों में होगी। यह सस्पेंस अब खत्म हो चुका है। टाटा ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से नोएल टाटा के नाम पर सहमति बनी है यानि अब टाटा ट्रस्ट के नए चेयरमैन नोएल टाटा बनने जा रहे है।
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भारत के दिग्गज और महान उद्योगपति रतन टाटा भले ही अब इस दुनिया में नहीं रहे लेकिन उन्होंने अपने जीवन में कई बड़ी उपलब्धियां और देश के लिए कई ऐसे महत्वपूर्ण कदम उठाए जिसे कोई भूल नहीं सकता। टाटा ग्रुप को इंटरनेशनल बनाने में रतन टाटा की सबसे बड़ी भूमिका रही जिसके चलते आज पूरी दुनिया में टाटा ग्रूप की एक अलग पहचान है। अब रतन टाटा के निधन के बाद लगातार इस बात की चर्चा जोड़ों पर थी कि टाटा ट्रस्ट की कमान किसके हाथों में होगी। यह सस्पेंस अब खत्म हो चुका है। टाटा ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से नोएल टाटा के नाम पर सहमति बनी है यानि अब टाटा ट्रस्ट के नए चेयरमैन नोएल टाटा बनने जा रहे है। वे रिश्ते में रतन टाटा के सौतेले भाई है। जो रतन टाटा के पिता नवल टाटा की दूसरी पत्नी सिमोन के बेटे है। 11 अक्टूबर शुक्रवार को हुई बैठक में नोएल टाटा के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगी जो अब रतन टाटा की जगह लेंगे।
दरअसल, बुधवार की रात मुंबई के ब्रिच कैंडी अस्पताल में उपचार के दौरान 86 वर्षीय रतन टाटा का निधन हो गया था। उसके बाद लगातार इस बात की चर्चा चल रही थी कि रतन टाटा क्या उत्तराधिकारी आखिर कौन होगा क्योंकि रतन टाटा ने शादी नहीं की थी और उनके कोई संतान नहीं था। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा था कि 34 लाख करोड़ के इस विशाल टाटा समूह के व्यापारिक साम्राज्य के मैनेजमेंट में उनकी जगह कौन लेगा, जो टाटा ग्रुप को और आगे लेकर जाए। टाटा ग्रुप के अगर कल 29 कंपनियों के मार्केट कैप नजर डाले तो 20 अगस्त 2024 तक करीब 403 अरब डालर यानी भारतीय रुपए में लगभग 39 लाख करोड़ रुपए है, हालांकि टाटा समूह में उत्तराधिकारी चुने जाने की एक अच्छी प्रक्रिया है। जिसमें कंपनी में शामिल कई बड़े पदों पर बैठने वाले पदाधिकारी सर्वसम्मति से फैसला लेते हैं। इस योजना के तहत मुंबई में टाटा ट्रस्ट की बैठक हुई जिसमें यह फैसला लिया गया कि नोएल टाटा अब टाटा ग्रुप के नए चेयरमैन होंगे। जो वर्तमान में सर दोराबजी के ट्रस्टी भी है। नोएल टाटा के नाम का ऐलान करने के बाद टाटा बोर्ड के पूर्व सदस्य आर गोपालकृष्णन ने कहा कि नोएल बहुत अच्छे और समझदार व्यक्ति है। उन्हें पूरा भरोसा है कि वह ट्रस्ट के लिए बहुत ही अच्छे तरीके से काम करेंगे। साथ में अपने व्यावसायिक और उद्यमशीलता कौशल के साथ, नोएल टाटा ट्रस्ट्स में बहुत अधिक मूल्य जोड़ सकेंगे।
पहले किन पदों पर रहे है नोएल
टाटा ट्रस्ट की कमान संभालने वाले नोएल टाटा साल 2014 में ट्रेंट लिमिटेड के अध्यक्ष भी रहे है। ट्रेंट टाटा ग्रुप का बेहद सफल परिधान खुदरा विक्रेता है इसके शेयर पिछले दशक में 6000 प्रतिशत से अधिक बड़े हैं। नोएल पहले भी 2010 से 2021 तक टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड का नेतृत्व कर चुके हैं। इसके अलावा नोएल टाटा, टाटा स्टील लिमिटेड और वोल्टास लिमिटेड सहित कई लिस्टेड टाटा कंपनियों के बोर्ड में भी है। अगर टाटा ट्रस्ट की वेबसाइट को देख तो उसके मुताबिक नोएल टाटा के तीन बच्चे हैं।
परदादा की विरासत संभालेंगे नोएल
जमशेदजी टाटा ने टाटा समूह की स्थापना 1892 में की थी जो रतन टाटा और नोएल टाटा के परदादा थे। ऐसे में नोएल टाटा की नियुक्ति बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस की 66% हिस्सेदारी है जो 150 साल से अधिक पुराने टाटा ब्रांड के तहत विभिन्न फार्मो की होल्डिंग कंपनी है। अब tta समूह से जुड़े लोगों को नोएल से काफ़ी उम्मीदें है कि वो भी रतन टाटा की तरह हर ज़िम्मेदारियों को बख़ूबी निभाएँगे।
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