Advertisement

Loading Ad...

मोहन भागवत से केजरीवाल के 5 सवाल, कहा "बेटे ने मां को आंखें दिखाने का साहस जुटा लिया"

आम आदमी पार्टी (AAP) ने रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'जनता की अदालत' कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संबंधों पर गंभीर सवाल उठाए।

Loading Ad...
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर सीधे सवाल उठाए हैं। उन्होंने भाजपा और उसके नेतृत्व के कामकाज पर गंभीर आरोप लगाते हुए पांच प्रमुख सवाल पूछे। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है और यह मुद्दा विभिन्न पार्टियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल आम आदमी पार्टी (AAP) ने रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'जनता की अदालत' कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संबंधों पर गंभीर सवाल उठाए। 

केजरीवाल ने कार्यक्रम में कहा, “आज से ठीक 12 साल पहले, 4 अप्रैल, 2011 को अन्ना हज़ारे का भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन शुरू हुआ था। तब से हमने ईमानदारी से काम किया है। हमने बिजली और पानी मुफ्त दिया, महिलाओं के लिए बसें मुफ्त कीं, और बुजुर्गों को तीर्थ यात्राओं पर भेजा।” उन्होंने आगे कहा, “हमारी ईमानदारी से भाजपा को खतरा महसूस हुआ, और उन्होंने हम पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाए।” केजरीवाल ने आगे कहा कि "आरएसएस के लोग कहते हैं कि हम राष्ट्रवादी और देशभक्त हैं। लेकिन मैं मोहन भागवत जी से कुछ सवाल करना चाहता हूं।" 

उन्होंने पहले सवाल में पूछा: क्या यह सही है कि मोदी जी देशभर में पार्टियों को तोड़ने और सरकारों को गिराने के लिए उन्हें ED और CBI के जरिए लालच या धमकी देकर अपने साथ लाते हैं?" केजरीवाल का यह सवाल उस समय उठाया गया है जब कई विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह सत्ता के दुरुपयोग के माध्यम से राजनीतिक प्रतिकूलताओं का सामना कर रही है।

दूसरे सवाल में उन्होंने कहा: "मोदी जी ने अपनी पार्टी में उन सबसे भ्रष्ट नेताओं को शामिल किया है, जिन्हें उन्होंने खुद भ्रष्ट कहा था। क्या आप इस तरह की राजनीति से सहमत हैं?" केजरीवाल का इशारा उन नेताओं की ओर था जो पहले भाजपा के खिलाफ थे लेकिन अब पार्टी का हिस्सा हैं। यह सवाल भाजपा की नीति और उसकी नैतिकता पर सवाल उठाता है, जो अक्सर स्वच्छ छवि का दावा करती है।

केजरीवाल ने अपने तीसरे सवाल में कहा: "भाजपा का जन्म आरएसएस के गर्भ से हुआ है, इसलिए यह आरएसएस की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि भाजपा गलत रास्ते पर न जाए। क्या आपने कभी मोदी जी को गलत करने से रोका है?

चौथा सवाल:   केजरीवाल का  चौथा सवाल JP नड्डा के उस बयान पर था, जिसमें नड्डा ने कहा था कि  बीजेपी को आरएसएस की जरूरत नहीं है। केजरीवाल ने कहा, "क्या बेटा इतना बड़ा हो गया है कि उसने मातृ संस्था के प्रति अपनी नाराजगी दिखानी शुरू कर दी है? जब उन्होंने ऐसा कहा तो क्या आपको दुख नहीं हुआ?"

केजरीवाल ने पांचवे सवाल में कहा, "आप लोगों ने एक कानून बनाया है कि नेता 75 साल के बाद रिटायर होंगे। अमित शाह कहते हैं कि यह नियम मोदी जी पर लागू नहीं होगा। जो नियम आडवाणी जी पर लागू हुआ, वह मोदी जी पर क्यों नहीं होगा?" 
केजरीवाल के इन सवालों ने राजनीतिक वातावरण में नई गर्मी पैदा कर दी है। कई विपक्षी दलों ने उनके सवालों का समर्थन किया है, जबकि भाजपा ने इसे राजनीति की एक नई चाल बताया है।  राजनीति में प्रश्न पूछना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन जब वह सीधे सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ हो, तो उसकी गंभीरता और भी बढ़ जाती है। केजरीवाल का यह बयान आगामी चुनावों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि यह न केवल भाजपा के खिलाफ एक स्पष्ट बयान है, बल्कि यह आम आदमी पार्टी की राजनीतिक रणनीति को भी स्पष्ट करता है। केजरीवाल ने दिखा दिया है कि वह अपनी बात बेझिझक कहने में विश्वास रखते हैं, चाहे वह भाजपा के नेताओं या आरएसएस के प्रमुख क्यों न हों।

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...