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केजरीवाल ने किया बड़ा ऐलान, इस दिन बाद अपने पद से देंगे इस्तीफा !
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है, वो दो दिन पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आए थे और अब उन्होंने इस्तीफे का फैसला कर लिया है।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख नेता अरविंद केजरीवाल ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। जेल से बाहर आते ही केजरीवाल ने अपने इस्तीफे की घोषणा कर है, जो इस वक्त की सबसे बड़ी खबर है। इससे दिल्ली की राजनीति के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। उनके इस घोषणा ने विपक्षी दलों समेत देश की आम जनता का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है।
CM केजरीवाल के इस्तीफे का ऐलान -
आपको बता दें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 2 दिन पहले ही जेल से जमानत पर बाहर निकले थे और अब उन्होंने 15 सितंबर को पार्टी के कार्यकर्ताओं के सामने भाषण देते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा - "कोर्ट जो कर सकता था कोर्ट ने वो किया, वो बेल दे सकते थे उन्होंने बेल दे दिया। लेकिन अभी ये केस बहुत लम्बा चलेगा। मैंने कई वकीलों से पुछा और मैंने कहा कि मेरा दिल कहता है जब तक मैं बरी नहीं हो जाता है CM की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा। और वकीलों ने कहा कि ये केस 10 साल, 15 साल और 20 साल तक चलेगा। मैं दो दिनों में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दूंगा।"
जनता की अदालत में किया खुद को पेश -
अरविंद केजरीवाल ने इस्तीफा का ऐलान करते हुए कहा कि - " आज मैं आपकी अदालत में आया हूँ, जनता की अदालत में आया हूँ, आपसे पूछने के लिए आया हूँ कि आप केजरीवाल को ईमानदार मानते हैं या फिर गुनहगार। मैं दिल्ली की जनता और देश की की जनता से पूछना चाहता हूँ कि वो मुझे ईमानदार समझते हैं या फिर नहीं।और साथ ही उन्होंने कहा कि मैं तब तक CM पद पर नहीं बैठूंगा जब तक जनता अपना फैसला ना सुना दे, मैं फिर से जनता के बीच में जाऊंगा, गली - गली जाऊंगा, घर - घर जाऊंगा और जब तक जनता अपना फैसला ना सुना दे तब तक मैं CM की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा।
बीजेपी पर साधा निशाना -
सीएम अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि - "उन्होंने मुझे जेल भेजा क्योंकि उनका लक्ष्य आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के साहस को तोड़ना था। उन्होंने सोचा कि वे हमारी पार्टी को तोड़ देंगे और मुझे जेल में डालने के बाद दिल्ली में सरकार बनाएंगे, लेकिन हमारी पार्टी नहीं टूटी। मैंने जेल से इस्तीफा नहीं दिया क्योंकि मैं भारत के संविधान की रक्षा करना चाहता था, मैं उनके फॉर्मूले को फेल करना चाहता था। SC ने केंद्र सरकार से पूछा कि कोई सरकार जेल से क्यों नहीं चल सकती, सुप्रीम कोर्ट ने साबित कर दिया कि सरकार जेल से भी चल सकती है। "
चुना जायेगा अगला मुख्यमंत्री -
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अगले मुख्यमंत्री को लेकर कहा - "कुछ लोग कहते हैं कि हम सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण काम नहीं कर पाएंगे। उन्होंने हम पर प्रतिबंध लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी,अगर आपको लगता है कि मैं ईमानदार हूं, तो भारी संख्या में वोट दें। मैं मुख्यमंत्री की कुर्सी पर तभी बैठूंगा जब मैं चुना जाऊंगा। चुनाव फरवरी में होने वाले हैं। मैं मांग करता हूं कि चुनाव महाराष्ट्र चुनाव के साथ नवंबर में कराए जाएं, जब तक चुनाव नहीं होते, पार्टी से कोई और मुख्यमंत्री होगा। अगले 2-3 दिनों में विधायकों की बैठक होगी, जहां अगले मुख्यमंत्री का फैसला किया जाएगा।"
अन्य पार्टियों को दिया सन्देश -
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा - "मैं सभी गैर-भाजपा मुख्यमंत्रियों से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि अगर प्रधानमंत्री आप पर फर्जी केस बनाकर जेल में डालें, तो इस्तीफा न दें। किसी भी परिस्थिति में इस्तीफा न दें, चाहे जेल से ही सरकार चलानी पड़े। इसका मतलब यह नहीं कि हम पद के लालची हैं, बल्कि इसलिए कि हमारे लिए संविधान और लोकतंत्र को बचाना सबसे जरूरी है। भारी बहुमत से चुनी हुई सरकार को जेल में डालकर आप इस्तीफा मांगेंगे, यह सही नहीं है।भाजपा ने एक नया फॉर्मूला तैयार किया है - जहां-जहां ये चुनाव हारते हैं, वहां के मुख्यमंत्री पर फर्जी केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लो और उनकी सरकार गिरा दो। उन्होंने सिद्धारमैया, पिनाराई विजयन, ममता दीदी जैसे मुख्यमंत्रियों पर भी केस किए हैं। ये किसी भी विपक्षी मुख्यमंत्री को नहीं छोड़ते, सभी पर फर्जी केस कर उन्हें जेल में डालने और सरकार गिराने की कोशिश करते हैं। "
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