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Kanpur: DM के सामने गुटखा खाकर पहुंचा फरियादी तो बीच बैठक में ठोका गया जुर्माना !

कानपुर में गुटखे के शौकीन फरियादी को गुटखा चबाते हुए डीएम के पास पहुंचना भारी पड़ गया, भड़के डीएम ने सिखाया ऐसा सबक, दोबारा सरकारी कार्यालय में गुटखा खाकर नहीं पहुंचेगा !

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उत्तर प्रदेश का जिला कानपुर। और पान मसाले यानि गुटखे का याराना बहुत पुराना है।कहते हैं ग्रीन पार्क स्टेडियम में मैच होता है तो यहां की दर्शक दीर्घा भी पान मसाले की थूक से पट जाती है। यहां तक कि हर गली नुक्कड़ चौक चौराहे पर नजर आने वाली दुकानों के बारे में तो यहां तक कहा जाता है कि वो दुकान ही क्या। जिस दुकान पर एक से बढ़कर एक ब्रांड के पान मसाले ना टंगे हों ।मगर इस बार तो जैसे हद ही हो गई। एक तरफ जहां कानपुर के डीएम लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। तो वहीं दूसरी तरफ एक शख्स पान मसाला खाकर पहुंच गया। फिर क्या। डीएम साहब इस कदर भड़क गये कि उस पर जुर्माना ठोक दिया।


कानपुर जैसे जिले की कमान संभाल रहे तेज तर्रार डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह की पहचान ही यही है कि वो कभी लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों की क्लास लगाते नजर आते हैं। तो कभी किसी ऑटो वाले को 26 जनवरी जैसे खास मौके पर मुख्य अतिथि बनाकर उसका सम्मान करते हैं।और समय समय पर कानपुर वालों की समस्या सुनने के लिए जनता दरबार भी लगाते हैं। 22 फरवरी को भी डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह जनता दरबार लगा कर लोगों की समस्याएं सुन रहे थे कि इसी बीच शिवराजपुर के रहने वाले देवेंद्र पांडेय उनके सामने गुटखा चबाते हुए पहुंच गये। फिर क्या था। डीएम साहब बुरी तरह भड़क गये। और ऑन द स्पॉट आदेश दे दिया कि गुटखा खाने वाले महोदय पर दो सौ रुपये का जुर्माना लगाया जाए।

गुटखा खाने वाले फरियादी पर दो सौ रुपये का जुर्माना ठोकने का आदेश देने वाले डीएम जितेंद्र सिंह का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ। उन्हें खबर मिली थी कि शिवराजपुर की ईओ दिव्या गुप्ता समाधान दिवस में मौजूद नहीं रहती हैं। जिस पर डीएम ने उनसे पूछा कि समाधान दिवस में क्यों नहीं आती हैं। जिस पर उन्होंने कहा कि सर कभी सूचित नहीं किया गया। फिर क्या। डीएम ने भी तपाक से पूछ लिया कि क्या सैलरी के लिए अलग से सूचित किया जाता है।

अपने एक्शन को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस बार अधिकारी को फटकार लगाने के साथ ही गुटखा चबाने वाले शख्स पर भी दो सौ रुपये का जुर्माना ठोक दिया और सख्ती से संदेश भी दे दिया कि आइंदा कोई भी गुटखा चबाते हुए किसी सरकारी कार्यालय में ना पहुंच जाए। क्योंकि सरकारी कार्यालयों में गुटखा चबाना प्रतिबंधित है। हालांकि ये अलग बात है कि सरकारी कार्यालय की दीवारें भी गुटखे और पान मसाले की पीक से लाल हो जाती हैं। लेकिन लगता है जब तक डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के हाथ में कानपुर की कमान रहेगी। सरकारी कर्मचारी तो छोड़िये फरियादी भी गुटखा खाकर सरकारी कार्यालय में जाने से बचेंगे। 
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