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Uddhav Thackeray का समर्थन कर रहे शंकराचार्य को Kangana ने जमकर सुनाया

बीजेपी सांसद और एक्ट्रस कंगना रनौत हमेशा ही अपने बयानों की वजह से चर्चाओं में बनी रहती हैं, अब कंगना ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुत्तेश्वरानंद सरस्वती पर निशाना साधा है, दरअसल हाल ही में शंकराचार्य अनंत और राधिका की शादी में उन्हें आशीर्वाद देने पहुँचे थे।वहीं इस दौरान उन्होंने शिवसेना UBT के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाक़ात की थी

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बीजेपी सांसद और एक्ट्रस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) हमेशा ही अपने बयानों की वजह से चर्चाओं में बनी रहती हैं, अब कंगना ने ज्योतिर्मठ  के शंकराचार्य स्वामी अविमुत्तेश्वरानंद सरस्वती पर निशाना साधा है, दरअसल हाल ही में शंकराचार्य अनंत और राधिका की शादी में उन्हें आशीर्वाद देने पहुँचे थे।वहीं इस दौरान उन्होंने शिवसेना UBT के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाक़ात की थी।इतना ही नहीं उद्धव ठाकरे का समर्थन करते हुए उन्होंने ये तक कह दिया की उद्धव ठाकरे के साथ विश्वासघात हुआ है,सनातन धर्म में विश्वासघात एक बहुत बड़ा पाप है।

भड़की कंगना ने शंकराचार्य को भी नहीं बख्शा

अब जिस तरह से शंकराचार्य ने महाराष्ट्र की राजनीति पर बयान दिया है, उसपर पर मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत का बयान सामने आ गया है। कंगना ने शंकराचार्य के बयान की आलोचना की है, कंगना ने अपने X अकाउंट पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए लिखा की - राजनीति में गठबंधन , संधि और एक पार्टी का विभाजन होना बहुत सामान्य और संवैधानिक बात है, कांग्रेस पार्टी का विभाजन 1907 में और फिर 1971 में हुआ, अगर राजनीति में राजनीतज्ञ राजनीति नहीं करेगा तो क्या गोलगप्पे बेचेगा? शंकराचार्य जी ने उनकी शब्दावली और अपने प्रभाव और धार्मिक शिक्षा का दुरुपयोग किया है।धर्म ये भी कहता है कि अगर राजा ही प्रजा का शोषण करने लगे तो राजद्रोह ही आख़िरी धर्म है। शंकराचार्य जी ने महाराष्ट्र के हमारे माननीय मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी को अपमानजनक शब्दावली से ग़द्दार, विश्वासघाती जैसे आरोप लगाते हुए हम सब कि भावनाओं को ठेस पहुचाई है, शंकराचार्य जी इस तरह की छोटी और ओछी बातें करके हिन्दू धर्म की गरिमा को ठेस पहुँचा रहे हैं।

तो देखा आपने कंगना ने  शंकराचार्य से सीधा सीधा कह दिया है की वो ऐसी ओछी बातें करके हिंदू धर्म की गरिमा को ठेस पहुँचा रहे हैं।बता दें कि ज्योतिर्मठ  के शंकराचार्य स्वामी अविमुत्तेश्वरानंद सरस्वती ने उद्धव ठाकरे का समर्थन कर एकनाथ शिंदे को विश्वासघाती कह दिया था, जो की कंगना को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हुआ।यही वजह है की उन्होंने शंकराचार्य की बातों का जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे पर भी तंज कसते हुए ये तक कह दिया की अगर राजा ही प्रजा का शोषण करने लगे तो राजद्रोह ही आख़िरी धर्म है।

कंगना और उद्धव ठाकरे के बीच 36 का आकड़ा है, सालो पहले दोनों के बीच जमकर हुआ विवाद हुआ था।दरअसल 9 सितंबर 2020 ये वही दिन था, जब उद्धव ठाकरे की सरकार में बीएमसी द्वारा कंगना रनौत का घर तोड़ गया था।यही वो दिन था जब कंगना रनौत के घर में बुल्डोजर चलाया गया था,बीएमसी द्वारा इस  कारवाई के बाद ही कंगना ने शिवसेना UBT के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे  को श्राप दिया था की आज मेरा घर टूटा है कल तेरा धमंड टूटेगा।कंगना का ये श्राप इतनी जल्दी लग जाएगा,ये किसी ने सही सोचा था, बीते कुछ सालों में महाराष्ट्र की राजनीति में क्या कुछ हुआ, इससे हर कोई वाकीफ है।उद्धव ठाकरे के हाथ से मुख्यमंत्री की कुर्सी गई, विधायक भी हाथ से निकले, कुछ ही दिनों में जुलाई 2022 में महारष्ट्र सरकार में बड़ा बदलाव आ गया था।

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शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली थी और बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री बनाए गए थे ।जिसके बाद उद्धठ ठाकरे को अपनी नई पार्टी बनानी पड़ी शिवसेना UBT जैसे ही उद्धव के हाथ से सीएम की कुर्सी गई, लोगों ने कंगना द्वारा दिए श्राप को इससे जोड़ दिया था।वहीं अब ज्योतिर्मठ  के शंकराचार्य स्वामी अविमुत्तेश्वरानंद सरस्वती उद्धव का समर्थन कर एक शिंदे को विश्वासघाती बता रहे हैं।

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