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पहलगाम हमले के 13 दिन बाद ही मोदी ने पाकिस्तान की करवा दी तेरहवीं, आखिर इस मिशन को 'ऑपरेशन सिंदूर' का नाम क्यों दिया गया?
भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ आतंक विरुद्ध कार्रवाई को 'ऑपरेशन सिंदूर' का नाम दिया है. दरअसल, इस नाम के पीछे की एक बड़ी वजह है.
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भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ आतंक विरुद्ध कार्रवाई के मिशन को 'ऑपरेशन सिंदूर' का नाम दिया है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी भारतीय सेना द्वारा किए गए हमले की बात स्वीकार की है. इस हमले से पाकिस्तान में खलबली मच गई है. चारों तरफ लोग इधर से उधर भाग रहे हैं. मस्जिदों से ऐलान हो रहा है कि सभी लोग अपने घरों में रहें. पाकिस्तानी मिडिया के अनुसार दर्जनों मौतों की बात सामने आ रही है. वहीं पाक आर्मी की तरफ से दावा किया जा रहा है कि कुल 8 लोगों की मौत हुई है. हालांकि पाक सेना पर विश्वास नहीं किया जा सकता है. वो पूरी दुनिया में मौत के आंकड़े सहित जानकारी छिपाने के लिए जानी जाती है.
इसी बीच कुपवाड़ा में पाक सैनिकों ने भयंकर गोलीबारी की है. पाकिस्तानी सेना इस हमले से बौखला गई है. भारतीय सेना ने 15 दिन पहले हुए पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने की शुरुआत कर दी है. लेकिन हर कोई यह जानना चाह रहा है कि आखिर भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन को "ऑपरेशन सिंदूर" का नाम क्यों दिया? तो चलिए जानते हैं इसकी पीछे की पूरी कहानी.
भारतीय सेना ने "ऑपरेशन सिंदूर" नाम क्यों दिया
भारतीय वायुसेना ने 7 मई की देर रात पाकिस्तान में घुसकर कुल 9 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है. इस मामले में कई लोगों की मौत हुई है. वहीं कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं. भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन को "ऑपरेशन सिंदूर" का नाम दिया है. दरअसल, इस नाम के पीछे की वजह यह है कि पहलगाम आतंकी हमले में जिन 26 लोगों की जान गई थी. उनमें सभी के सभी पुरुष थे. कई ऐसे लोग भी थे. जो शादीशुदा थे. इनमें 3 से 4 भारतीय सेना के अधिकारी और जवान भी शामिल थे. इस हमले में मारे गए सभी लोग बतौर पर्यटक घूमने गए थे. लेकिन आतंकियों ने निशाना बनाकर कई महिलाओं के सुहाग को छीन लिया था. उनके माथे से उनका सिंदूर मिटाया गया था. आतंकियों ने महिलाओं से उनके पति का नाम और धर्म पूछकर हमला किया था. जिस तरीके से महिलाओं का सिंदूर मिटाया गया और उनका सुहाग छीना गया था. उसी वजह से भारतीय सेना ने देश की महिलाओं के सिंदूर का बदला लेने के लिए इस ऑपरेशन का नाम "सिंदूर ऑपरेशन" रखा है. जिन महिलाओं ने अपने पति को खोया था उनके आंखों से बह रहे आंसुओं को देखकर पूरा देश रोया था. हर किसी ने इस हमले का बदला लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी से खास अपील की थी. इसके बाद पीएम मोदी ने देश के तीनों सेनाओं को अपनी रणनीति के तहत किसी भी समय हमले की पूरी छूट दी थी. जिसका अंजाम हाथ देखने को मिला.
पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन घाटी में घूमने गए पर्यटकों को आतंकियों ने निशाना बनाया था. सभी लोगों से उनका धर्म पूछ कर उनके माथे पर गोली मारी गई थी. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी. कई अन्य घायल भी हुए थे. इस हमले में सेना के 3 से 4 जवान भी मारे गए थे. जो उस वक्त ड्यूटी पर नहीं बल्कि अपने परिवार के संग छुट्टियां मनाने गए थे.
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