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AIMPLB के वक्फ कानून विरोधी प्रदर्शन में पहुंचे पत्रकार को जबरन कार्यक्रम से भगाया गया !

Waqf Amendment Act के खिलाफ दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने किया विरोध प्रदर्शन, जिनसे बात करने के लिए एक पत्रकार पहुंचा तो मुसलमानों ने उनके साथ गुंडई की और जबरदस्ती कार्यक्रम से बाहर कर दिया, देखिये क्या है पूरा मामला !

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जिस वक्फ संशोधन कानून को देश की संसद ने पास किया.और राष्ट्रपति ने पूरे देश में लागू किया. अब उसी कानून के खिलाफ कुछ मुसलमान जबरदस्त विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. कुछ ही दिनों पहले जहां बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंसक विरोध प्रदर्शन किया गया. तो वहीं 22 अप्रैल को राजधानी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. जिसमें देश भर के मुसलमानों और मौलानाओं के साथ ही हैदराबादी सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी शामिल हुए थे. इसीलिये बड़ी तादाद में मीडिया भी इस कार्यक्रम को कवर कर रही थी.तो वहीं इसी दौरान एक पत्रकार तालकटोरा स्टेडियम के अंदर पहुंच गया. जिससे वक्फ कानून के विरोध में जुटे मुसलमानों से उनकी राय जान सके.मगर हैरानी की बात तो ये है कि बड़े बड़े मौलानाओं ने पहले ही आदेश दे दिया था कि कोई भी मुसलमान मीडिया से बात नहीं करेगा.


वक्फ संशोधन कानून के विरोध के नाम पर जितने भी मुसलमान दिल्ली के तालकटोरा मैदान में जुटे थे. द राष्ट्रनीति के पत्रकार सुमित तिवारी सिर्फ उनसे बात करना चाह रहे थे कि आखिर इस कानून में उन्हें क्या आपत्ति है.और वो क्यों इसका विरोध करने के लिए तालकटोरा स्टेडियम में जुटे हुए हैं. लेकिन इसके बावजूद पत्रकार को मुसलमानों से बात करने की इजाजत नहीं दी गई. और विरोध प्रदर्शन खराब करने का आरोप लगा कर जबरदस्ती उन्हें बाहर कर दिया गया.

वक्फ कानून के विरोध में जुटे मुसलमानों ने जिस तरह से पत्रकार सुमित तिवारी को घेरा. और जबरन उन्हें कार्यक्रम से बाहर किया. किसी से बात तक नहीं करने दिया गया.उसे देख कर तो ऐसा लग रहा था कि जैसे मानो उस पूरे ताल कटोरा स्टेडियम में ही आपातकाल घोषित कर दिया गया हो. जहां सिर्फ ओवैसी जैसे नेता ही बोल सकते हैं. उन्हें सुनने आए मुसलमानों से मीडिया बात भी नहीं कर सकती. अगर बात करने की कोशिश भी करेगी तो इसी तरह से जबरदस्ती उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा.

तहफ्फुज-ए-औकाफ कारवां यानि वक्फ की हिफाजत नाम से आयोजित किये गये इस कार्यक्रम में विरोध प्रदर्शन के नाम पर एक पत्रकार से कुछ इसी तरह की गुंडागर्दी की गई. वो भी उस वक्त. जब मंच पर ओवैसी जैसे नेताओं के साथ ही बड़े बड़े मौलाना भी मौजूद थे. लेकिन इसके बावजूद मीडिया के साथ जिस तरह से बदसलूकी की गई.
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