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सऊदी में नौकरी, तीन साल से नहीं आया घर, फिर भी जमा कर दिया SIR फॉर्म...सहारनपुर में बड़ा एक्शन, दो को हुई जेल

यूपी के सहारनपुर में SIR में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है. यहां सऊदी अरब में रहने वाले युवक का फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म जमा कर दिया गया. इसके बाद सहारनपुर SP ने गिरफ्तारी के आदेश दिए.

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यूपी में गहन पुनरीक्षण अभियान यानी कि SIR की प्रक्रिया तेज कर दी गई. मतदाता सूची में शुद्धता सुनिश्चित की जा रही है और इसमें गलती-धांधली पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. वहीं सीएम योगी के आदेश के बाद घुसपैठियों की भी धरपकड़ हो रही है. सीएम पहले ही कह चुके हैं कि किसी कीमत पर प्रदेश में घुसपैठिए बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. इसी कड़ी में सहारनपुर के थाना चिलकाना क्षेत्र के ग्राम चौरा कलां में SIR में एक फर्जीवाड़े के मामले में FIR दर्ज की गई है.

यहां सऊदी अरब में नौकरी कर रहे समून के नाम पर किसी परिजन ने फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म जमा कर दिया. इसकी व्यक्तिगत सत्यता की पुष्टि भी की गई. 30 नवंबर 2025 को सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी संजय डबराल स्थलीय निरीक्षण के लिए गांव पहुंचे. इस दौरान उनके भाई अकरम ने बताया कि समून पिछले तीन वर्षों से सऊदी अरब में है और गांव आए ही नहीं. फिर भी देखा गया कि उनके साइन वाले फॉर्म जमा थे. यानी कि जांच में फर्जीवाड़ा साफ हो गया.

घर-घर जाकर किया गया सत्यापन!

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जानकारी के मुताबिक सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी संजय डबराल ने पाया कि समून के हस्ताक्षर फर्जी थे और फॉर्म बिना ठोस सत्यापन के ही BLO ने स्वीकार कर लिया था. डबराल को इस दौरान पता चला कि यह काम समून के ही किसी रिश्तेदार ने किया था. बीएलओ शमीम अहमद के पास जमा SIR फॉर्म का सत्यापन घर-घर जाकर किया गया, जहां इस धांधली की पुष्टि हुई.

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पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

वहीं इस मामले में कार्रवाई भी हो गई है. इस गंभीर अनियमितता के सामने आने के बाद सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने 3 दिसंबर 2025 को थाना चिलकाना में समून के भाई अकरम और अन्य रिश्तेदार अमजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. जानकारी के मुताबिक यह मामला लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत दर्ज किया गया. यह धारा निर्वाचन प्रक्रिया में फर्जीवाड़े को गंभीर अपराध मानती है.

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सहारनपुर SP ने दिए गिरफ्तारी के निर्देश

सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए. इसके बाद पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी सदर की निगरानी में थाना प्रभारी विनोद कुमार ने टीम गठित कर छापेमारी शुरू कर दी.

मुखबिर की सूचना पर की गई गिरफ्तारी!

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मामले को गंभीर मानते हुए सहारनपुर एसएसपी ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए. इसके बाद पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी विनोद कुमार ने टीम गठित कर छापेमारी शुरू की. इसके बाद 7 दिसंबर 2025 को मुखबिर से मिली जानकारी पर पुलिस ने दोनों वांछित आरोपियों अकरम पुत्र जमील और अमजद पुत्र जमील को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कहा कि दोनों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने साफ किया कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

चुनाव आयोग की राजनीतिक दलों के साथ बैठक

उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रगति, निगरानी और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ तीसरी बैठक की. उन्होंने बताया कि गणना चरण में अब तक 97.3 फीसद डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है. 

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उन्‍होंने बताया कि वर्तमान में 17.7 प्रतिशत गणना प्रपत्र अनकलेक्टेबल हैं और लगभग 30 प्रत‍िशत मतदाताओं की मैपिंग शेष है. मृत, शिफ्टेड और अनुपस्थित मतदाताओं के सत्यापन में राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की गई है. दलों ने गणना चरण बढ़ाने का अनुरोध भी किया.

SIR निगरानी के लिए उच्च स्तरीय टीम गठित

एसआईआर की निगरानी को और मजबूत करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने केंद्र सरकार के मंत्रालयों में तैनात 4 संयुक्त सचिव स्तर के आईएएस अधिकारियों को विशेष रोल प्रेक्षक नियुक्त किया है. इनमें निखिल गजराज, जावड़ी वी नागा सुब्रमण्यम, कुणाल और सिद्धार्थ जैन शामिल हैं. इन अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न मंडलों सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, लखनऊ, कानपुर, आगरा, बरेली, झांसी, चित्रकूट धाम, प्रयागराज, देवीपाटन, बस्ती, अयोध्या, वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर और मिर्जापुर की निगरानी का दायित्व सौंपा गया है. ये अधिकारी मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन तक एसआईआर कार्यों की निगरानी करेंगे और आयोग के निर्देशों के अनुसार सुनिश्चित करेंगे कि कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई अपात्र शामिल न हो.

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क्या बोले निर्वाचन अधिकारी?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों को बताया कि अनकलेक्टेबल मतदाताओं के सत्यापन में बीएलए का सहयोग अनिवार्य है. जिन बूथों पर बीएलओ का कार्य पूरा हो गया है, वहां अनकलेक्टेबल मतदाताओं की सूची बीएलए को उपलब्ध कराई जाएगी, साथ ही यह सूची प्रत्येक जिले की वेबसाइट पर बूथवार उपलब्ध रहेगी.

उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर तक बीएलओ और बीएलए की संयुक्त बैठकें कराई जाएं. रिणवा ने सभी मतदाताओं और राजनीतिक दलों को स्पष्ट किया कि प्रवासी भारतीय मतदाता (जो विदेशी नागरिकता न लेकर विदेश में रह रहे हैं) गणना प्रपत्र से नहीं, बल्कि फॉर्म-6ए के माध्यम से मतदाता बन सकते हैं. फॉर्म-6ए ऑनलाइन भी भरा जा सकता है.

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फर्जीवाड़े पर होगी कार्रवाई

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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी प्रवासी नागरिक का गणना प्रपत्र गलती से जमा हुआ है तो तत्काल बीएलओ को बताएं, अन्यथा जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई हो सकती है. वर्तमान में प्रदेश में 1533 प्रवासी मतदाता हैं और 115 नए फॉर्म-6A प्राप्त हुए हैं. बैठक में भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा, सीपीआई (एम), आम आदमी पार्टी (आप) और अपना दल (एस) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

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